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Haryana

देवेंद्र सिंह कल्याण ने चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को दिए स्पष्ट निर्देश

April 20, 2026 09:26 PM

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने आज हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकुला  में आयोजित बैठक में सामान्य, पुलिस एवं व्यय (Expenditure) पर्यवेक्षकों के साथ चुनाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करें तथा मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी, शराब, कपड़े या अन्य प्रलोभनों के वितरण पर सख्त नजर रखें। अवैध हथियारों, आपराधिक तत्वों एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ जहां ईवीएम मशीनें रखी गई हैं, उन स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पर्यवेक्षक जिला प्रशासन की तैयारियों का निरंतर आकलन करें और किसी भी कमी को तुरंत आयोग के संज्ञान में लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक अपने कार्यस्थल पर तैनात रहेंगे।

जनसंपर्क और शिकायत निवारण पर फोकस

उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक के ठहरने के स्थान और मोबाइल नंबर की जानकारी प्रेस एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए आमजन तक उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी मतदाता, उम्मीदवार या राजनीतिक दल अपनी शिकायत सीधे पर्यवेक्षक तक पहुंचा सके। पर्यवेक्षक सभी पक्षों के लिए सुलभ रहेंगे और प्राप्त शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि मतदान कर्मियों और ईवीएम की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में ही की जाएगी। पर्यवेक्षक प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था और मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा करेंगे तथा चुनाव अवधि के दौरान मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

व्यय निगरानी के लिए सख्त प्रावधान

व्यय पर्यवेक्षकों के लिए विशेष निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन से लेकर परिणाम घोषणा तक अपने चुनाव खर्च का दिन-प्रतिदिन सही लेखा-जोखा रखना अनिवार्य है। सभी खर्च जैसे वाहन, ईंधन, प्रचार सामग्री, विज्ञापन, भोजन-पानी एवं अन्य चुनावी गतिविधियों पर होने वाला व्यय निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही होना चाहिए। निर्धारित सीमा से अधिक खर्च या सही विवरण प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत अयोग्यता की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने निर्देश दिए कि व्यय पर्यवेक्षक प्रत्येक प्रत्याशी के खर्च का नियमित निरीक्षण करें और कम से कम प्रत्येक तीन दिन में लेखा का परीक्षण सुनिश्चित करें। चुनाव के दौरान शराब की अवैध आपूर्ति और उपयोग पर विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार नाकेबंदी कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त, प्रत्याशियों को उनके व्यय रजिस्टर के रख-रखाव, निर्धारित सीमा, निरीक्षण की तिथियों एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के बारे में समयबद्ध तरीके से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। मतदान के पश्चात व्यय संबंधी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को निर्धारित समय में भेजना अनिवार्य होगा।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या प्रलोभन से मतदाताओं को सुरक्षित रखा जाए। मतदान के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा या अप्रिय घटना की स्थिति में निर्धारित प्रारूपों में रिपोर्ट आयोग को भेजना अनिवार्य होगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि पर्यवेक्षक केवल राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करेंगे और किसी अन्य प्राधिकरण से निर्देश प्राप्त नहीं करेंगे। किसी भी विशेष मामले में आयोग द्वारा निर्देशित होने पर तुरंत जांच कर रिपोर्ट सीधे आयोग को भेजी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रावधानों के तहत मतगणना प्रक्रिया को रोकने अथवा परिणाम घोषित न करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि पर्यवेक्षकों की सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका से मतदाताओं में विश्वास का वातावरण बनेगा और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होगी।

इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग,हरियाणा के सचिव श्री गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे

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