पुनर्वास आधारित न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने सोनीपत जिला कारागार के कैदियों के लिए कौशल विकास आधारित खाना पकाने की कला एवं भोजनालय संचालन में एक माह का प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पहल पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री दीपक सिबल के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। यह जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सदस्य सचिव (हालसा पंचकूला) श्री जगदीप सिंह ने आज सोनीपत जिला कारागार में आयोजित कार्यक्रम में दी।
श्री जगदीप सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम सोनीपत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय और एसआरएम विश्वविद्यालय, दिल्ली-एनसीआर, सोनीपत के सहयोग से संचालित किया गया है। विश्वविद्यालय के विधि संकाय (लीगल एड सेंटर), होटल प्रबंधन संस्थान, प्रबंधन एवं वाणिज्य विभाग तथा विज्ञान एवं मानविकी विभाग की सक्रिय भागीदारी से इस पहल को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि एक माह की अवधि वाले इस पाठ्यक्रम में कैदियों को खाना पकाने की कला, रसोई प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, मेन्यू योजना और ग्राहक सेवा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही वित्तीय साक्षरता, लघु व्यवसाय विकास, संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास से जुड़े मॉड्यूल भी शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल कैदियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ अपराध की पुनरावृत्ति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और कानूनी साक्षरता का संयोजन कैदियों को एक नई दिशा प्रदान करता है और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार करता है।
कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनीपत के अध्यक्ष श्री जगजीत सिंह, सोनीपत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रचेता सिंह, एसआरएम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. वी. सैमुअल राज, विभिन्न संकायों के वरिष्ठ अधिकारी एवं जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।