बैठक में संशोधित केंद्रीय खाद्य सुरक्षा मानदंडों के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है
ये बदलाव विशेष रूप से प्रमुख नियामक पदों से संबंधित हैं, जिनमें पदनामित अधिकारी (Designated Officers), खाद्य सुरक्षा अधिकारी और खाद्य विश्लेषक शामिल हैं
राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मज़बूत करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) प्रोजेक्ट की संशोधित लागत अनुमान को मंज़ूरी दी गई है
पहले इस प्रोजेक्ट की मंज़ूर लागत 5,618 करोड़ रुपये थी, जबकि अब संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये मंज़ूर की गई है
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले अग्रिम ऋणों की व्यवस्था को और सरल व पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है
वर्ष 2016 से लागू व्यवस्था के तहत ये ऋण पंजाब नैशनल बैंक के माध्यम से दिए जा रहे थे, जिसे अब पुनः राज्य सरकार के पुराने सिस्टम में लाया जाएगा
कर्मचारियों को मकान, वाहन, कंप्यूटर, विवाह आदि के लिए ऋण सीधे अब राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे
आज की बैठक में रिठाला-नरेला-कुंडली (चरण-IV) कॉरिडोर के लिए रिवाइजड DPR को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में हरियाणा में 2.726 किलोमीटर लंबाई की नरेला से कुंडली तक मेट्रो लाइन का विस्तार शामिल है, जिसमें कुंडली और नाथूपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन होंगे
हरियाणा के हिस्से को पूरा करने की कुल लागत 545.77 करोड़ रुपये अनुमोदित की गई है। भारत सरकार 97.30 करोड़ रुपये, जबकि हरियाणा सरकार 448.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जिसमें भूमि की लागत भी शामिल है
मंत्रिमंडल ने बैठक में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंज़ूरी प्रदान की गई है। यह परियोजना राज्य में तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
यह कॉरिडोर दिल्ली से पानीपत तक और उससे आगे करनाल तक होगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 136.30 किलोमीटर होगी
परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग 33,051.15 करोड़ रुपये है, जिसमें से हरियाणा सरकार का हिस्सा 7,472.11 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में हरियाणा में 11 स्टेशन बनाए जाएंगे
बैठक में कक्षा-I में प्रवेश के लिए आयु मानदंड में बदलाव के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 में संशोधन को मंजूरी दी गई है
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 जारी की गई है
इस नीति के तहत यह निर्धारित किया गया था कि कक्षा-I में प्रवेश के लिए बच्चों की आयु 6 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए