केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने आज गुरुग्राम में सिधरावली गांव में सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर बीते दिनों हुए हादसे में जान गंवाने वाले सात श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए 20-20 लाख रुपए के चेक प्रदान किए। साथ ही सभी मृतकों के परिजनों को यात्रा खर्च के लिए 20-20 हजार रुपए की वित्तीय सहायता भी दी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने गुरुवार को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में मृतक श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात की और दु:ख की घड़ी में ढांढस बंधाया।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने हादसे को लेकर बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों की हर प्रकार से सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार दु:ख की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री से बातचीत के उपरांत वे झारखंड के जमशेदपुर से सांसद श्री विद्युत बरन महतो के साथ बुधवार की देर शाम गुरुग्राम पहुंचे और मृतक श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे के उपरांत त्वरित कार्रवाई करने व पीड़ित परिवारों की संवेदी भाव से मदद करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार भी जताया। इस अवसर पर उपायुक्त गुरुग्राम श्री अजय कुमार तथा सीपी श्री विकास अरोड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि बीती 9 मार्च की शाम गुरुग्राम जिला के गांव सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी की साइट पर मिट्टी खिसकने से सात श्रमिकों नामत: शिवशंकर, परमेश्वर महतो, मंगल महतो, भागीरथ गोपे, संजीव गोपे, धनंजय गोपे निवासी झारखंड तथा सतीश निवासी राजस्थान की मौत हो गई जबकि चार अन्य श्रमिक घायल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री ने मृतकों के परिजनों को हरियाणा सरकार की सहायता व दुर्घटना को लेकर की जा रही कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी।
गुरुग्राम के उपायुक्त अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 20-20 लाख रुपए की सहायता के अतिरिक्त मृतकों के परिजनों को हरियाणा सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (बीओसी) कल्याण फंड से 4 लाख रुपए तथा वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट के तहत 15 लाख रुपए से अधिक की सहायता भी दी जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक परिवार को कुल मिलाकर लगभग 40 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उन्होंने हादसे के उपरांत जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेश वीर और स्ट्रक्चर इंजीनियर विकास पांडेय को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस दौरान श्रम विभाग के कमिश्नर वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट श्री अनिल शर्मा, एएलसी श्री कुशल कटारिया, मानेसर के एसडीएम श्री दर्शन यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।