गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एनएच-48 से वाटिका चौक तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के विकास, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन के लिए एक एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से निविदा जारी की है। यह परियोजना लगभग ₹755 करोड़ की अनुमानित लागत से की जाएगी और इससे शहर के इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत वाटिका चौक से एनएच-48 के बीच साउदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर के रूप में उन्नत किया जाएगा, जिससे गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को प्रबंधित करने और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान उपलब्ध होगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर जमीनी स्तर पर ट्रैफिक भीड़ को कम करने में सहायक होगा, क्योंकि यह वाहनों के लिए एक अतिरिक्त यातायात स्तर उपलब्ध कराएगा, जिससे जाम की स्थिति में कमी आएगी और विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान यात्रा समय में सुधार होगा।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है और शहर की बढ़ती आवाजाही आवश्यकताओं को पूरा करने तथा आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए उच्च क्षमता वाली सड़क अवसंरचना का विकास एक प्रमुख प्राथमिकता बना हुआ है। प्रस्तावित अवसंरचना उन्नयन से एसपीआर कॉरिडोर के आसपास स्थित कई सेक्टरों के निवासियों और यात्रियों को लाभ मिलेगा, जिनमें तेजी से विकसित हो रहे आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र भी शामिल हैं। यह परियोजना गुरुग्राम की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने और एक अधिक कुशल तथा भविष्य के लिए तैयार शहरी गतिशीलता नेटवर्क विकसित करने के लिए प्राधिकरण के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
इस परियोजना के तहत वाटिका चौक से एनएच-48 के बीच 4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री 4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। डिज़ाइन में 3+3 लेन की मुख्य सर्विस रोड और 2+2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक के सुचारू प्रवेश और निकास को सुनिश्चित करने के लिए दो-लेन के अप और डाउन रैंप बनाए जाएंगे। इसके अलावा एनएच-48 पर एक इंटरचेंज का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, परियोजना के द्वितीय चरण (फेज़-II) के तहत वाटिका चौक पर एक इंटरचेंज प्रस्तावित किया गया है, जो सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) सबसे महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम आवागमन मार्गों में से एक बनकर उभरी है, जो कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को प्रमुख मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती है। इस मार्ग पर तेजी से हो रहे विकास के कारण, बेहतर सड़क अवसंरचना और कुशल यातायात प्रबंधन की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।
परियोजना पूरी होने पर, द्वारका एक्सप्रेस वे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच उच्च गति और निर्बाध संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे शहर के समग्र सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। इससे वाटिका चौक और सुभाष चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर भीड़भाड़ कम करने में भी मदद मिलेगी, साथ ही एसपीआर कॉरिडोर पर यातायात का प्रवाह भी सुधरेगा।
वर्तमान में द्वारका एक्सप्रेसवे या साउदर्न गुरुग्राम/जयपुर की ओर से सोहना या फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को प्रमुख राजमार्गों तक पहुंचने के लिए अक्सर राजीव चौक या सुभाष चौक के रास्ते शहर के आंतरिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। प्रस्तावित कॉरिडोर एक अधिक सीधा वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और शहर के व्यस्त चौराहों पर पड़ने वाला ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।
यह परियोजना एसपीआर कॉरिडोर के साथ तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके माध्यम से आसपास के कई क्षेत्रों के निवासियों और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे प्रमुख राजमार्गों और महत्वपूर्ण रोजगार केंद्रों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
यह परियोजना कार्य आवंटन (एवार्ड) की तिथि से निर्धारित 30 महीनों की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी।