मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधनों को मंज़ूरी दी गई। अब संयुक्त निदेशक/उप निदेशक, जिला एमएसएमई केंद्र को जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (डीएलसीसी) के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
राज्य सरकार ने हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन एक्ट, 2016 और संबंधित नियम बनाए हैं, ताकि एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया जा सके, ताकि राज्य में व्यापार करने में आसानी हो। साथ ही यह अच्छे मानकों के बराबर हो। ऐसा इसलिए किया गया है जिससे राज्य में व्यापार करने में होने वाली किसी भी प्रकार की देरी और लागत को कम किया जा सके।
हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन बोर्ड (HEPB) का गठन हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन एक्ट, 2016 की धारा 3 के तहत किया गया है। सशक्त कार्यकारी समिति (EEC) का गठन उक्त अधिनियम की धारा 4 के तहत किया गया है और उक्त अधिनियम की धारा 8 के प्रावधानों के अनुसार राज्य के हर जिले में जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (DLCC) का गठन किया गया है।
गौरतलब है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग का गठन एमएसएमई और छोटे व्यवसायों को सक्रिय रूप से समर्थन, सलाह और सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया है, ताकि उद्यमिता से संबंधित सभी जानकारियों और व्यावसायिक बुद्धिमत्ता से संबंधित कमियों को दूर किया जा सके, उनकी व्यावसायिक चुनौतियों का समाधान किया जा सके। साथ ही शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जा सके और तर्कसंगत नीति निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके। राज्य के हर जिले में जिला एमएसएमई केंद्र कार्यरत है। एमएसएमई विभाग की कई योजनाओं को भी डीएलसीसी द्वारा समय-समय पर मंज़ूरी दी जाती है।