हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में 'नॉन-स्टॉप' हरियाणा सरकार 2047 तक 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' के विज़न को साकार करने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। गत विधानसभा चुनावों का ज़िक्र करते हुए, श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में हरियाणा के लोगों से 217 वादे किए थे। इनमें से 54 वादे पहले ही पूरे हो चुके हैं, जबकि बाकी वादों पर तेज़ी से काम चल रहा है। इसके उलट, पड़ोसी राज्य पंजाब और हिमाचल प्रदेश में, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्रों में किए गए वायदे ज़्यादातर कागज़ों पर ही रह गए हैं।
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पार्टी ने चुनाव से पहले बड़े-बड़े वायदे किए, लेकिन उन्हें पूरा करने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि जहां पंजाब सरकार हाल की बाढ़ से प्रभावित किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा देने का दावा कर रही है, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने गुजरात में दावा किया कि 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विरोधाभासी बयान आप पार्टी की सरकार की सच्चाई को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब का युवा आज नशे की चपेट में है, रोज़गार के अवसर नहीं हैं, और लोग वहां की मौजूदा सरकार से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब बीजेपी सरकार को सत्ता में लाने का निर्णय ले चुके है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन सम्मान, परंपरा और सेवा के मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पगड़ी पहनना उनके लिए राजनीति से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि यह साझा सांस्कृतिक विरासत और गुरुओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक मदद देने की घोषणाएं की थीं, लेकिन कई साल बाद भी वे वादे पूरे नहीं हुए हैं। इसके उलट, हरियाणा सरकार ने अपने बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये अलग रखकर अपने वादे को पूरा किया, जिससे महिला लाभार्थियों को सीधे आर्थिक मदद मिल रही है।
हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है जहां सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती है, और भुगतान 48 घंटे के अंदर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और सरकार पर किसानों का भरोसा बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 1.80 लाख रुपये से कम सालाना इनकम वाले परिवारों को 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर देने का वादा भी पूरा किया है, जिससे राज्य भर में लगभग 15 लाख महिलाओं को फायदा हुआ है।
स्वास्थ्य संबंधित सुधारों पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हेल्थ सर्विस को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। पहले, मरीजों को हर डायलिसिस सेशन पर 25 हजार से 30 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब सभी सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस का इलाज पूरी तरह से मुफ्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने जनता का भरोसा खो दिया है और उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी को उनके सलाहकार गुमराह कर रहे हैं। पहले, उन्होंने दावा किया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो संविधान बदल दिया जाएगा, फिर उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम हैक किए गए थे। और अब वह "वोट चोरी" की बात कर रहे हैं। ये सभी निराधार आरोप हैं और जनता को गुमराह करने की जानबूझकर की गई कोशिशें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में दस नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पंचकूला और गुरुग्राम में दो एआई (AI) हब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित कर रही है ताकि हरियाणा का कोई भी क्षेत्र पीछे न रहे। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में 24 घंटे बिजली देना नामुमकिन लगता था, लेकिन आज हरियाणा के 6 हजार से ज़्यादा गांवों में चौबीस घंटे बिजली मिल रही है और यह पिछले 11 सालों में बीजेपी सरकार के तहत हुआ है।
कानून-व्यवस्था पर श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में गैंगस्टरों की कोई जगह नहीं है। अपराधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ बड़े गैंगस्टरों को भी विदेश से वापस लाकर हरियाणा की जेलों में डाला गया है, जिससे यह कड़ा संदेश गया है कि राज्य में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फंड के बंटवारे में कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। केंद्र सरकार से सभी राज्यों को पारदर्शी और नियम-आधारित तरीके से उनका सही हिस्सा मिलता है। केंद्र ने बिना किसी भेदभाव के हर राज्य को विकास के लिए लगातार पर्याप्त वित्तीय सहायता दी है। हालांकि, कुछ विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने इन फंड्स का गलत इस्तेमाल किया है या उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में नाकाम रहे हैं और अब अपनी कमियों के लिए केंद्र सरकार को दोष देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।