हरियाणा विधान सभा में शुक्रवार को राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ का दूसरा संस्करण शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में 13 राज्यों से 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
इस मौके पर विस अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुलामी के कठिन दौर को झेला है, जिसके दौरान हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यह हमारे संविधान की शक्ति और देशवासियों की एकजुटता का प्रमाण है। संविधान हमें यह सिखाता है कि भारत की असली ताकत यहां के लोग हैं। हम सभी को मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के विजन को साकार करना है।
उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन इन सबके बीच एक साझा लक्ष्य है- राष्ट्र और प्रदेश की प्रगति। देश की विभिन्न विधानसभाओं में भले ही राज्यों की भाषाएं अलग हों, लेकिन सभी जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रभावी और कल्याणकारी योजनाएं बनाना होता है। जनता की कठिनाइयां दूर करना व उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति असली ध्येय है।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने युवाओं को कहा कि आज वे उसी विधान सभा भवन में बैठे हैं, जहां से प्रदेश के अनेक दिग्गज विधायकों और नेताओं ने कानून निर्माण से लेकर हरियाणा के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां उपस्थित युवा भविष्य में जनप्रतिनिधि का अवसर पाकर लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और सदन में सक्रिय व सार्थक चर्चाओं में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि समाज और देश को नई दिशा मिल सके।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है।
दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट के अपने अनुभव साझा करते हुए श्री हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि वहां कई देशों के स्पीकर इस बात से हैरान थे कि भारत सैकड़ों भाषाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद इतनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में विधायक श्रीमती पूजा चौधरी, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार श्री राम नारायण यादव, हरियाणा युवा संवाद के सह-संस्थापक श्री जय सैनी और श्रीमती ईशा कपूर ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए स्वाधीनता आंदोलन, संविधान सभा के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और युवाओं की भूमिका पर विचार रखे।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके बाद दो विशेष सत्र संपन्न हुए। पहले सत्र में ‘हरियाणा का सतत विकास : औद्योगिक विस्तार पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग’ विषय पर गहन चर्चा हुई। दूसरे सत्र में औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता, इसके समक्ष चुनौतियां और विजन 2030 की प्राप्ति हेतु आवश्यक कदम के संदर्भ में हरियाणा औद्योगिक नीति-2025 पर विस्तार से चर्चा की गई।