हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने आयोग से संबंधित एक मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि RA-LP-73/2024 – अभिनव बनाम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं संबंधित पुनर्विचार याचिकाएँ से संबंधित प्रकरण माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा इस मामले में न्यायालय द्वारा निर्णय सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला राज्य सरकार की 05 मई 2022 की CET नीति से संबंधित है, जिसके अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें पहला चरण केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का था और अंतिम चयन दूसरे चरण की लिखित अथवा कौशल परीक्षा के आधार पर किया जाना था।
श्री हिम्मत सिंह ने यह भी बताया कि आयोग द्वारा न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक हलफनामे दायर कर यह स्पष्ट किया गया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह CET अंकों पर आधारित रही है और किसी भी अभ्यर्थी को सामाजिक-आर्थिक मानदंडों का अनुचित लाभ नहीं दिया गया। आयोग ने न्यायालय के प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया है और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से पक्ष रखा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भविष्य में भी निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।