हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बिजली उत्पादन को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा के हिसार जिले के खेदड़ में स्थापित किए जा रहे 800 मेगावाट क्षमता के नए बिजली विस्तार यूनिट के लिए कोल लिंकेज निर्धारित कर दी गई है। इससे राज्य में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने जानकारी देते हुए बताया कि खेदड़, हिसार में स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के विस्तार के तहत स्थापित किए जा रहे 800 मेगावाट के नए यूनिट के लिए केंद्र सरकार की शक्ति योजना के अंतर्गत हरियाणा को कोल लिंकेज आवंटित कर दी गई है। इसके तहत शीघ्र ही राज्य को एक नया कोल ब्लॉक आवंटित किया जाएगा, जिससे इस परियोजना के लिए कोयले की नियमित और दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कोल लिंकेज निर्धारित होने से इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और भविष्य में ईंधन की कमी के कारण बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। इससे न केवल राज्य की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि बढ़ती बिजली मांग को भी प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि हिसार के खेदड़ में पहले से संचालित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट हरियाणा की बिजली व्यवस्था की रीढ़ बन रहा है। इसके विस्तार के रूप में स्थापित किया जा रहा यह 800 मेगावाट का नया यूनिट राज्य की कुल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। इस यूनिट के चालू होने से औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि सेक्टर और घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
श्री विज ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली मिल सके। केंद्र सरकार द्वारा कोल लिंकेज की स्वीकृति इस दिशा में एक अहम उपलब्धि है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा योजना को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना न केवल बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में हरियाणा ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।