Thursday, October 01, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
• सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ब्लड डोनेशन वैन की लेगी मदद : आरती सिंह राव • मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण व मजबूती के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और एसजेएचआईएफएम के बीच शोध एवं नीति अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए हुआ एमओयू • नई एएलएस एम्बुलेंस ने 46 दिनों में संभाले 9,200 से अधिक केस- डॉ. सुमिता मिश्रा • हरियाणा की पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का बड़ा असर हुआ: डॉ. सुमिता मिश्रा • उद्योगों को प्रोत्साहन, युवाओं को रोजगार और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी • किसानों को गेहूं के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध करवाए जाएंगे : श्री श्याम सिंह राणा • हरियाणा में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश के खुलेंगे नए रास्ते, पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल: डॉ. अरविंद कुमार शर्मा
Haryana

विस अध्यक्ष ने शुरू की नई प्रथा शून्यकाल में विधायक रख सकेंगे 5 मिनट तक अपनी बात

March 10, 2025 05:53 PM
हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दूसरे दिन एक नई प्रथा का आगाज हुआ। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सोमवार को शून्यकाल में बात रखने के लिए समयावधि बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत शून्यकाल में 3 मिनट की बजाय 5 मिनट तक सदस्य अपनी बात रख सकेंगे।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि उन्होंने गत 10 वर्षों में विधान सभा के एक सदस्य के तौर पर अनुभव किया है कि शून्यकाल को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शून्य काल की प्रथा लागू होने के घटनाक्रम के बारे में गहराई से जानने का प्रयास किया है। इस विषय पर 6 मार्च, 2025 को सर्वदलीय बैठक में विचार किया गया। बैठक में इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी व उत्पादक बनाने पर जोर दिया गया। कल्याण ने कहा कि वे महसूस कर रहे थे कि शून्यकाल में अपनी बात रखने के इच्छुक प्रत्येक विधायक को अधिक समय मिलना चाहिए।
इसलिए अगर सभी सदस्य सहमत हो तो हम नई प्रथा की शुरुआत कर सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत लंबे समय के सत्र में सदस्य को 3 मिनट की जगह 5 मिनट का समय दिया जाएगा। छोटी अवधि के सत्रों में लोकसभा की तर्ज पर शून्य काल में सीमित शब्दों में लिखा हुआ नोटिस पढ़ने का मौका दिया जाएगा। इससे सदस्य संक्षेप में अपने विषय सरकार के संज्ञान में ला सकते हैं। 
उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया है कि नई व्यवस्था के तहत निर्धारित सीमा में रहकर लोकहित के विषयों पर चर्चा करें। नोटिस व इसके विषयों से हटकर बात रखने से व्यवधान पैदा हो सकता है और जनता अपने कामों से वंचित रह जाती है। इसलिए जरूरी है कि सदन में सदस्यों को जनहित से जुड़ी अपनी-अपनी बात रखने का अधिक अवसर मिलना सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश के लोगों की भी हम सब जनप्रतिनिधियों से यही अपेक्षा है। 
बॉक्स 
लोक सभा में 1990 में शुरू हुआ था शून्यकाल
विस अध्यक्ष कल्याण ने सदन को बताया कि 24 अप्रैल, 1990 को लोक सभा में पहली बार इस बारे में प्रक्रिया बनायी गयी, जो 25 अप्रैल, 1990 से शुरू हुई। तब प्रत्येक सदस्य को एक मिनट तक नोटिस पढ़कर अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। इस प्रथा को लागू करने के समय तक सदन का लगभग 14 प्रतिशत समय शून्य काल के नाम पर व्यवधान में बर्बाद होता रहा, जबकि शून्य काल लागू होने पर 1998 तक बर्बाद होने वाला समय घटकर 6.95 प्रतिशत यानि आधा रह गया। इससे सदन का समय भी बचा तथा सदस्यों को जनहित के विषय रखने का अवसर भी मिला।
बॉक्स 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने देखी सदन की कार्यवाही
हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान का शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थी सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे। इस समूह में प्रोफेसर डॉ. अभिनव, डॉ. मधु, डॉ. अशोक कुमार और  डॉ. आबिद अली और संस्थान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी शामिल रहे। उन्होंने विधान सभा का भी अवलोकन किया।
Have something to say? Post your comment
More Haryana News
सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ब्लड डोनेशन वैन की लेगी मदद : आरती सिंह राव मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण व मजबूती के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और एसजेएचआईएफएम के बीच शोध एवं नीति अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए हुआ एमओयू नई एएलएस एम्बुलेंस ने 46 दिनों में संभाले 9,200 से अधिक केस- डॉ. सुमिता मिश्रा हरियाणा की पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का बड़ा असर हुआ: डॉ. सुमिता मिश्रा उद्योगों को प्रोत्साहन, युवाओं को रोजगार और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी किसानों को गेहूं के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध करवाए जाएंगे : श्री श्याम सिंह राणा हरियाणा में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश के खुलेंगे नए रास्ते, पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल: डॉ. अरविंद कुमार शर्मा मजदूरों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कर योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाएगी सरकार : रणबीर गंगवा हरियाणा देश का पहला राज्य जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं अधिकतम फसलें — खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर