Saturday, November 29, 2025
Follow us on
BREAKING NEWS
शिमला के संजौली मस्जिद विवाद पर गठित संयुक्त समिति की आज होगी बैठककर्नाटक: आज दोपहर दिल्ली आ सकते हैं डिप्टी सीएम डीके शिवकुमारनेशनल हेराल्ड केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर तक टाला ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का आदेशमल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कांग्रेस की बड़ी मीटिंग, राहुल गांधी भी पहुंचेश्रमिकों के लिए अच्छी खबर : एचएसआईआईडीसी ने आईएमटी मानेसर में अटल श्रमिक किसान कैंटीन की शुरुआत कीविकसित भारत के लिए अभियान चलाया -नायब सैनी ,मुख्यमंत्री अलास्का के एंकरेज क्षेत्र के पास 6.0 तीव्रता का भूकंप, तेज झटकों से लोगों में दहशराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज लखनऊ में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जंभूरी के क्लोजिंग समारोह में शामिल होंगी
 
Haryana

प्रदेश सरकार ने लिया किसानों के हितों में बड़ा फैसला ट्रांसमिशन लाइनों में उपयोग हुई जमीनों के लिए भू-स्वामियों को दिया जाएगा उचित मुआवजा

July 09, 2024 05:57 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार पूरे हरियाणा में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसमिशन लाइनों की स्थापना में तेज़ी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में ऊर्जा विभाग ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्रांसमिशन परियोजनाओं से प्रभावित भूमि मालिकों के उचित मुआवजा देने हेतु एक नई मुआवज़ा नीति शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य भूमि मालिकों, विशेष रूप से किसानों और ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को हल करना है।

        हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड को ट्रांसमिशन लाइनों की स्थापना के दौरान भूमि मालिकों, विशेषकर किसानों व लाईन निर्माण ईकाई मे गतिरोध रहा है जिससे की इस अहम व आधारभूत निर्माण मे विलम्ब हो रहा है। इस नीति के क्रियान्वयन से अब आधारभूत निर्माण में तेजी आएगी।

        विदित है कि ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एफ.नं 3/4/2016-ट्रांस-पार्ट (4) दिनांक 14 जून 2024 के तहत ट्रांसमिशन लाइनों के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के मुआवजे हेतु जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप हरियाणा सरकार ने इस नीति को मंजूरी दी है।

नई नीति में किए गए प्रावधान

        भूमि अधिग्रहण के बिना भूमि मूल्य के 200 प्रतिशत की दर पर टावर बेस एरिया का मुआवजा देना, जहाँ ट्रांसमिशन टावर स्थापित किए जाते हैं। इसके विपरीत, पिछली नीति में टावर बेस एरिया के लिए मुआवजा भूमि मूल्य के 100 प्रतिशत की दर पर निर्धारित किया गया था।

        ट्रांसमिशन लाइन कॉरिडोर के लिए भूमि मूल्य के 30 प्रतिशत की दर पर राइट ऑफ वे कॉरिडोर के लिए मुआवजे का प्रावधान है। इसके विपरीत, पिछली नीति में राइट ऑफ वे कॉरिडोर के लिए मुआवजा शामिल नहीं था।

        किसानों के लिए फसलों का मुआवजा पूर्व नीति के अनुसार ही दिया जाएगा। मुआवजे की दरें भूमि के सर्किल रेट अथवा कलेक्टर रेट के आधार पर निर्धारित की जाएंगी।

        इसके अलावा, जहां भूमि के मार्किट रेट सर्किल/कलेक्टर रेट से अधिक होते हैं, वहां मुआवजे की गणना करने हेतु भूमि दर निर्धारित करने के लिए जिला स्तर पर उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, जिला राजस्व अधिकारी और अधीक्षण अभियंता (एचवीपीएनएल) की एक ‘उपयोगकर्ता समिति’का गठन किया गया है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई नीति से किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में पर्याप्त वृद्धि होगी और इसका उद्देश्य प्रभावित भूमि मालिकों के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करते हुए ट्रांसमिशन लाइनों के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करना है। इस पहल से राज्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलने और इसके बहुमुखी विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
श्रमिकों के लिए अच्छी खबर : एचएसआईआईडीसी ने आईएमटी मानेसर में अटल श्रमिक किसान कैंटीन की शुरुआत की विकसित भारत के लिए अभियान चलाया -नायब सैनी ,मुख्यमंत्री
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण का एक दिवसीय गोवा दौरा
पॉलिटेक्निक उमरी पहुंचा इटली का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी : आरती सिंह राव कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के लिए गौरव का क्षण: ऊर्जा मंत्री अनिल विज
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में टेस्ला इंडिया मोटर्स के देश के पहले ऑल इन वन केंद्र का किया उद्घाटन
हरियाणा करेगा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल की मेजबानी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बिखर रही सांस्कृतिक छटा, ब्रह्म सरोवर के घाटों पर थिरके पर्यटक