Monday, June 08, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
चुटकुलों से सरकार नहीं, सिनेमा हॉल चल सकते हैं: नायब सिंह सैनीगुरु अमर दास जी का जीवन त्याग, सेवा, समानता और मानवता का प्रेरणास्रोत: नायब सिंह सैनीऊर्जा मंत्री अनिल विज की कॉकरोज जनता पार्टी को सलाह- ’संघर्ष करो, लेकिन नाम बदल लो’पत्रकार हितों के लिए आगे आई एमडब्ल्यूबी, परिवहन मंत्री अनिल विज को सौंपा मांगपत्र661 करोड़ के सरकारी फंड घोटाले में CBI का एक्शन, चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-NCR में छापेमारीLPG गैस फिर महंगी, 14.2-kg सिलेंडर पर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गईमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से नामधारी संप्रदाय के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से की मुलाकातएम डब्ल्यू बी देगा हिमाचल के पत्रकारों को दस-दस लाख रुपये की मुफ्त एक्सीडेंटल पॉलिसी का तोहफा लॉन्चिंग एवं वितरण समारोह 9 जून को शिमला में
 
Bhavishya

बढ़ेगी बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांगों की पेंशन!

January 27, 2020 06:28 AM

COURTESY NBT JAN 27

बढ़ेगी बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांगों की पेंशन!


80 साल के अधिक के वरिष्ठ नागरिकों की मासिक पेंशन 500 रुपये से बढ़कर 1,000 रुपये और 79 साल तक के वृद्धों की पेंशन मौजूदा 200 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो सकती है
[ योगिमा शर्मा | नई दिल्ली ]

स रकार सामाजिक सहायता कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर बदलाव करने पर काम कर रही है जिससे वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांगों की पेंशन बढ़ सकती है। 80 साल के अधिक के वरिष्ठ नागरिकों की मासिक पेंशन 500 रुपये से बढ़कर 1,000 रुपये और 79 साल तक के वृद्धों की पेंशन मौजूदा 200 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो सकती है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) में प्रस्तावित बदलाव के जरिए पेंशन को महंगाई से जोड़ा जाएगा। लाभार्थियों की पहचान के लिए सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना (SECC) का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम योजना में आमूलचूल परिवर्तन करने पर विचार कर रहे हैं। पेंशन की रकम बढ़ाने, लाभार्थियों की पहचान के लिए SECC डेटा की मदद लेने और इन योजनाओं के तहत 100% DBT ट्रांसफर अपनाने के प्रस्तावों पर विचार विमर्श हो रहा है।' SECC लिंकेज से मौजूदा सूची में दो करोड़ से ज्यादा लाभार्थी जुड़ेंगे और इस मद में सरकारी खजाने से होनेवाला खर्च लगभग दोगुना हो जाएगा।

मंत्रालय सामाजिक सुरक्षा के लिए NSAP की कई योजनाओं के तहत हर साल 3.1 करोड़ लाभार्थियों पर 9,000 करोड़ रुपये खर्च करता है। फिलहाल लाभार्थियों की पहचान सुरेश तेंदुलकर कमेटी की बताई गरीबी रेखा के हिसाब से की जाती है। पूरी तरह केंद्र सरकार के फंड से चलने वाले NSAP कार्यक्रम में बुजुर्गों के लिए चार पेंशन और अक्षमता सहायता योजनाएं शामिल हैं। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) शामिल है जिसमें गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के 60 साल या अधिक उम्र के लोगों को 79 साल की उम्र तक हर महीने 200 रुपये और उसके बाद 500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) में गरीबी रेखा से नीचे की 40 से 59 साल की विधवा 200 रुपये मासिक पाने की हकदार होती है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (IGNDPS) के तहत गरीबी रेखा से नीचे के 18 से 59 साल के विकलांग को 200 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार कल्याण योजना (NFBS) में गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में 18 से 64 साल के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत हो जाने पर परिवार को एकमुश्त 10,000 रुपये की सहायता दी जाती है।

सरकारी अधिकारी ने कहा कि लाभार्थियों की पहचान SECC-2011 के डेटा के आधार पर करने की वजह यह है कि इसका इस्तेमाल दूसरे बेनेफिट्स बांटने में भी होता है और यह भी आसानी से पता चल जाता है कि लाभार्थी किस हद तक और किस श्रेणी के तहत वंचित है।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर बदलाव करने पर विचार कर रही सरकार, पेंशन को महंगाई से जोड़ा जा सकता है

Have something to say? Post your comment