हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सिरतार संस्थान को राज्य का रोल मॉडल बनाएं ताकि दिव्यांग बच्चों को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बनाकर उनके अभिभावकों को भी चिंतामुक्त किया जा सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी वीरवार को राज्य पुनर्वास प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (सिरतार) रोहतक की गर्वनिंग बॉडी की 8वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी अनुपमा, आयुक्त रोहतक मण्डल श्रीमती मोनिका मलिक, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव एवं निदेशक श्री अजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार संस्थान हेतू पांच नए कोर्स स्वीकृत
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार संस्थान के लिए पांच नए कोर्स की भी स्वीकृति प्रदान की। इनमें बुनियादी ब्रेल साक्षरता और भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम, माता पिता और देखभालकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम, शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप व सहायता प्रशिक्षण कार्यक्रम, व्यवहार संशोधन पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम, बेसिक इंडियन साइन लैंग्वेज प्रोग्राम में ओरिएंटेशन कार्यक्रम शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं जिनके माध्यम से चलने फिरने व बोलने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण प्रदान कर स्वावलम्बी बनाया जाता है।
अभिभावकों में जागरूकता लाने हेतू चलाएं अभियान
उन्होंने कहा कि इस संस्थान को दो शिफ्टों में चलाया जाए और इस संस्थान में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को प्रवेश देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसके लिए खासकर अभिभावकों में जागरूकता लाई जाए ताकि वे ऐसे बच्चों का दाखिला करवा सकें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्वेश्य ऐसे बेबस बच्चों को पुनर्वास देने के लिए संचालित किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारी बेहतर व्यवस्था करने के लिए कार्य करें ताकि जरूरतमंद बच्चों को ओर अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने आयुक्त रोहतक को विशेष अभिभावक जागरूकता अभियान में अग्रणीय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों व लाभार्थियों तक थेरेपी सेवाएं सुगमता से पहुंचाने के लिए मोबाईल थेरेपी वैन खरीदने के प्रस्ताव की भी मंजूरी प्रदान की। उन्होंने संस्थान के दिव्यांग बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास रूम बनने के प्रपोजल की स्वीकृति प्रदान की।
श्री बेदी ने कहा कि संस्थान के निदेशक ऐसे दिव्यांग बच्चों का भविष्य सुनिश्चित करने में गहरी रूचि लें। इससे उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलेगी। इसके अलावा ऐसे बच्चे जिनका कोई भी वारिश नहीं होता उनके लिए प्रशिक्षण के बाद की भी ऐसी कार्य योजना तैयार करें जिससे वे सुखमय जीवन व्यतीत कर सके।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए लाई गई हरिहर योजना के बारे में अवगत करवाया। ऐसी ही कार्य योजना बनाई जाए जो प्रशिक्षण उपरांत दिव्यांग बच्चों के लिए वरदान साबित हो सके। उन्होनें कहा कि गवर्निंग बॉडी की आगामी बैठक 16 अक्तूबर को रोहतक संस्थान में ही आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्थान की समस्त गतिविधियां व सभी छात्रों का विवरण भी संस्थान की बेवसाईट पर दर्शाया जाता है।
बैठक में संस्थान के निदेशक श्री नरेन्द्र कुमार, उपनिदेशक विशाल सैनी सहित रोजगार विभाग, वित विभाग के अलावा कई विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।