प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिभावान, संस्कारवान, ज्ञानवान, कुशल युवाओं की एक नई पीढ़ी तैयार कर रही है। इसी उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान, तकनीकी दक्षता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार ने एक ऐसी योजना तैयार की है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय भ्रमण पर ले जाया जाएगा, जिससे कि उनका दृष्टिकोण और बौद्धिक विकास हो सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई दसवीं, बारहवीं व ओलंपियाड में प्रथम आने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल एक डिग्री धारण करना नहीं है, शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो कि एक युवा को इस योग्य बनाए कि वह नौकरी मांगने वाला नहीं, अपितु स्वयं रोजगार का सृजन करने में सक्षम बन सके। प्रदेश के सभी जिलों से आए मेधावी विद्यार्थियों को उन्होंने कहा कि यह मंजिल नहीं, लंबी यात्रा का पड़ाव है। अभी उन्हें और ऊंचाइयों को छूना है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डिजीटल शिक्षा, एआई, रोबोटिक व इसरो, डीआरडीओ आदि की नई तकनीक बच्चों को सिखाने के लिए सरकारी स्कूलों में 391 एसटीईएम लैब स्थापित की जा चुकी हैं। राज्य के 250 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब 25 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में हर दस किलोमीटर की दूरी पर राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय स्थापित किए गए हैं। आज प्रदेश में 468 पीएम श्री व मॉडल संस्कृति विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। राज्य में 250 उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिनमें हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है इस बात की कि आज 103 सरकारी स्कूलों में मिशन बुनियाद व सुपर 100 कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आईआईटी, एनआईटी व आईआईएम में 277 विद्यार्थियों को दाखिला मिला है तथा 61 बच्चे मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया का वैश्वीकरण तेजी से बढ़ता जा रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की है जिसके माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलवाया जा रहा है। इसके अलावा विद्यालयों में विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग दिए जाने पर काम शुरु कर दिया गया है। सरकार ने 60 शिक्षकों को फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण दिलवाया है।
मुख्यमंत्री ने स्नेह पूर्वक सभी बच्चों को सम्मानित किया तथा उनके साथ मंच पर सेल्फी भी ली। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया, शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उदय कुमार, मेयर रामअवतार वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका, सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे, रेणु डाबला इत्यादि मौजूद रहे।