देश में रोजगार सृजन को नई गति देने और युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) क्षेत्रीय कार्यालय, गुरुग्राम (पूर्व) द्वारा प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने मुख्य अतिथि तथा गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर विज्ञान भवन से प्रधानमंत्री के संबोधन और राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, नियोक्ताओं और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य कार्यक्रम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रोत्साहन राशि वितरण से पूर्व अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना देश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उद्योग और श्रम एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि उद्योगों का विस्तार होगा तो रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और कुशल श्रमिकों की भागीदारी से उद्योगों की प्रगति भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए रोजगार आधारित विकास मॉडल पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिसमें यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में नई उद्योग नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनेक प्रोत्साहन, सब्सिडी और सुविधाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहली बार ऐसे प्रावधान किए हैं जिससे सीमित संसाधनों वाले उद्यमी भी लीज आधारित भूमि व्यवस्था के माध्यम से अपना उद्योग स्थापित कर सकें। इससे प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे सरकार की रोजगारोन्मुखी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाते हुए युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने उद्योगपतियों, कर्मचारियों और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह बंद करने तथा अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रोजगार, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन से ही गुरुग्राम और हरियाणा देश के विकास मॉडल के रूप में स्थापित होंगे तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।
ईपीएफओ की क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 डॉ. अर्चना ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योजना युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने तथा नियोक्ताओं को अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) के अध्यक्ष सुमित राव तथा क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम अशोक कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 500 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जिनमें विभिन्न लाभार्थी, नियोक्ता, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा ईपीएफओ के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।