हरियाणा ने एनीमिया के खिलाफ भारत की लड़ाई में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए एनीमिया मुक्त भारत (AMB) कार्यक्रम के तहत मई 2022 से अब तक 95 लाख से अधिक लाभार्थियों की जांच की है।
यह जानकारी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने आज अधिकारियों की बैठक के बाद दी।
इससे पूर्व हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर एस ढिल्लो , निदेशक डॉ वीरेंद्र यादव , एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ सुनिधि करोल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार एनीमिया उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में प्रयास और मजबूत किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सतत प्रयासों, नवाचारपूर्ण अभियानों और प्रभावी निगरानी व्यवस्था के कारण हरियाणा ने वर्ष 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में 85.2 प्रतिशत AMB कंपोजिट इंडेक्स स्कोर के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2025) में प्रदर्शन को और बेहतर बनाते हुए 90 प्रतिशत स्कोर के साथ राज्य ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
आरती सिंह राव ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता का आधार टेस्ट–ट्रीट–टॉक–ट्रैक (T4) मॉडल है, जिसके तहत एनीमिया की जांच के तुरंत बाद परामर्श, आयरन और फोलिक एसिड (IFA) की दवा शुरू करना तथा नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाता है, ताकि रोग से पूर्ण रूप से उबरना संभव हो सके।
व्यापक स्तर पर जांच अभियान
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान हरियाणा ने एनीमिया की पहचान और उपचार को तेज करने के लिए 100-दिवसीय एनीमिया के खिलाफ विशेष अभियान और एनीमिया उन्मूलन सप्ताह जैसे विशेष अभियान चलाए, जिन्हें अब मार्च और जुलाई 2025 में एनीमिया उन्मूलन महीनों के रूप में विस्तारित किया गया है। इन प्रयासों के तहत पूरे राज्य में 17.5 लाख से अधिक लाभार्थियों की जांच की गई।
इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक सशक्त नारी स्वस्थ परिवार (SNSP) अभियान चलाया, जिसके दौरान लगभग 2.5 लाख लाभार्थियों की जांच की गई। इसके बाद 100-दिवसीय अभियान के अंतर्गत 26 दिसंबर 2025 तक अतिरिक्त 1.5 लाख लोगों की जांच की गई। सभी चिन्हित एनीमिया रोगियों को IFA सप्लीमेंट और आहार संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।
संवेदनशील वर्गों तक व्यापक पहुंच
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों (6–59 माह और 5–9 वर्ष), किशोरों (10–19 वर्ष), प्रजनन आयु की महिलाओं (20–49 वर्ष), गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और अन्य वयस्कों सहित सभी संवेदनशील वर्गों को कवर करता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में एनीमिया की कुल दर 59.1 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत हो गई है, जो एक उत्साहजनक प्रगति को दर्शाता है।
एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ सुनिधि करोल ने बताया कि राज्य ने रीयल-टाइम निगरानी के लिए एनीमिया ट्रैकिंग वेब पोर्टल विकसित किया है, सभी ओपीडी में नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा रही है और एनीमिया की रोकथाम व प्रबंधन के लिए प्रभावी आईईसी सामग्री भी तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि मार्च और जुलाई महीनों में 86,024 से अधिक एनीमिया रोगियों की फॉलो-अप हीमोग्लोबिन जांच की गई, जिनमें से 55.1 प्रतिशत में Hb स्तर में सुधार देखा गया, जबकि 22.7 प्रतिशत लाभार्थियों का Hb स्तर सामान्य हो गया।