Sunday, July 12, 2020
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Haryana

हमें चुनौतियों को अवसरों में बदलना आना चाहिए:मनोहर लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री

June 29, 2020 04:31 PM
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें चुनौतियों को अवसरों में बदलना आना चाहिए और इसी सोच के साथ हमने राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए सिस्टम को पारदर्शी बनाने पर लगातार काम किया है जिसके तहत मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम को क्रियान्वित किया गया  ताकि नई पहल/कदम शुरू करके राज्य की जनता को शीघ्र अति शीघ्र सरकारी सेवाएं मुहैया करवाई जा सकें।
यह जानकारी मुख्यमंत्री ने गत देर सायं यहां ‘‘मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम’’, 2019-20 के सम्मान समारोह के दौरान दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को शुरू हुए चार साल हो गए है, जोकि अब तक काफी सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि वर्ष-2020 अभी तक इतना सुखद नहीं रहा है और कोई न कोई समस्या व कठिनाईयां आ रही हैं जैसे कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बात का जिक्र किया था कि कठिनाईयां हैं, चुनौतियाँ हैं, परंतु हमें इन चुनौतियों व कठिनाइयों को अवसरों में तब्दील करना है। उन्होंने कहा कि इस साल में कोरोना, भूंकप, चीन के साथ सीमा पर तनाव, टिड्डी दल का आना और चक्रवात इत्यादि ऐसी कठिनाईयां अब तक आई हैं लेकिन इन सबके बावजूद हमें आगे बढऩा है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम एक सफल योजना रही है और हमें इस योजना को लंबे समय तक इसी प्रकार से सफलता के साथ चलाना हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग 40 ऐसी पहल शुरू की गई हैं जिनमें मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सिस्टम को लगातार सुधारने पर काम करते रहना चाहिए, क्योंकि पूरा हरियाणा प्रदेश उनके लिए एक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के कारण ही डिजिटल सिस्टम को विभिन्न स्थानों पर लागू किया जा सका है जिनमें सरल पोर्टल योजना, ग्राम सचिवालय, वन स्टॉप सेंटर, सक्षम योजना इत्यादि शामिल है।
ोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें चुनौतियों को अवसरों में बदलना चाहिए इसलिए इस महामारी के दौरान वे लगभग तीन माह तक चंडीगढ़ में रहें और इस दौरान उन्होंने लोगों की मदद व सहयोग के लिए विभिन्न योजनाओं व नीतियों को लागू करने पर काम किया। कार्यक्रम में उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, डीबीटी योजना और परिवार पहचान पत्र योजना का भी जिक्र किया।
परिवार पहचान पत्र के बारे में ओर अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने  बताया कि इस योजना के तहत अब तक राज्य के 50 लाख परिवारों का आंकड़ा एकत्रित किया जा चुका है। इसके अलावा, बूथ स्तर पर विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है ताकि अंतिम पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकें।  
श्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम, 2019-20 के बैच के सभी सहयोगियों से बातचीत की और भविष्य के लिए शुभकामना भी दी। इस मौके पर उन्होंने सुशासन सहयोगियों से कहा कि आप जहां कहीं भी जाएं, परंतु समाज, देश और मानवता के नाते से सोच कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आपको केवल अपने लिए ही नहीं सोचना है बल्कि समाज व मानवता के लिए भी सोच कर आगे बढऩा है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि जब इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई तो केवल दो सप्ताह में ही प्रथम बैच की शुरूआत कर दी गई थी और इसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी, 2019-20 के बैच के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह चौथा बैच है जिसमें 24 सुशासन सहयोगी देश के 20 राज्यों से आते हैं।
उन्होंने कहा कि सक्षम हरियाणा योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है जिसमें मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की अहम भूमिका रही है। इसी प्रकार से अंतोदय सरल पोर्टल को भी सराहा गया है और आज वन स्टॉप सेंटर राज्य के 22 जिलों में पूरी से संचालित हैं। उन्होंने बताया कि ई-आँफिस पर भी काम चल रहा है और इस साल के अंत तक ई-आँफिस की शुरूआत कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुशासन सहयोगियों ने कोविड प्रबंधन में भी अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।  
इससे पहले, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम की प्रोग्राम टीम से चिराग भंडारी ने एक प्रस्तुति करण भी दी जिसमें सक्षम, सरल, वन स्टॉप सेंटर, ठोस कचरा प्रबंधन, शिक्षा इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई। सम्मान समारोह में प्रोग्राम टीम की परियोजना प्रबंधक श्रीमती इतिका गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने सुशासन सहयोगियों को प्रमाण-पत्र व प्रोग्राम टीम के सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
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