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पुरी रथयात्रा पर रोक; सीजेआई बोले- 10 लाख लोगों का जुटना गंभीर होगा,

June 19, 2020 07:49 AM

COURTESY HT JUNE 19

पुरी रथयात्रा पर रोक; सीजेआई बोले- 10 लाख लोगों का जुटना गंभीर होगा, हम जो कर रहे हैं उसके लिए भगवान जगन्नाथ हमें माफ करेंगे

ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ की इस साल 23 जून को होने वाली रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। गैर-सरकारी संगठन ओडिशा विकास परिषद ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा- ‘कोरोना महामारी में 10 हजार लोगों का इकट्ठा होना भी गंभीर बात है, लेकिन यहां तो 10 लाख लोगों के जुटने का अनुमान है। यह चिंता का विषय है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर हमने तय किया है कि इस साल भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती। महामारी के समय ऐसे आयोजन नहीं हो सकते। लोगों के स्वास्थ्य के लिए रथयात्रा पर रोक जरूरी है। हम जो कर रहे हैं, इसके लिए भगवान जगन्नाथ हमें माफ करेंगे।’ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का कार्यक्रम 10 दिनों तक चलता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुुए दिवाली पर पटाखों के जलाने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तो कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए रथयात्रा पर रोक क्यों नहीं? इसकी वजह से कोरोना महामारी के फैलने का खतरा अधिक होगा। ओडिशा सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में 30 जून तक धार्मिक आयोजनाें पर रोक लगा रखी है। अभी जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इधर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति ने एक बैठक बुलाई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। मंदिर प्रवक्ता लक्ष्मीधर पूजापंडा ने बताया कि परंपरा के मुताबिक रथ निर्माण का काम रोका नहीं गया था। लेकिन, अब नए आदेश के बाद आगामी बैठक में रथयात्रा से जुड़ी परंपरा और तैयार रथों का क्या होगा इन सब मुद्दों पर फैसला लिया जाएगा।
मंदिर परिसर के अंदर ही सांकेतिक रथयात्रा
जगन्नाथ मंदिर के प्रमुख सेवादार दामोदर प्रधानी ने कहा है कि इस बार रथयात्रा का आयोजन मंदिर परिसर के अंदर ही सांकेतिक रूप से होगा। शुक्रवार को मंदिर के मुख्य सेवक पुरी महाराज गजपति सिंहदेव शंकराचार्य से मिलेंगे। इस मुलाकात में यह तय होगा कि मंदिर परिसर में ही किस तरह रथयात्रा आयोजित हो और सभी परंपराओं का कैसे निर्वहन किया जाए। गुंडीचा मंदिर कहां बनाया जाए, आड़पदर्शन जैसी तमाम परंपराओं को निभाने के तौर-तरीके तय होंगे।
_photocaption_पुरी में भगवान जगन्नाथ का रथ तैयार हो रहा है।

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