Sunday, July 05, 2020
Follow us on
Haryana

हरियाणा सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में अंतरराज्यीय बसों और यात्री वाहनों के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल) जारी की

June 03, 2020 03:48 PM

हरियाणा सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में अंतरराज्यीय बसों और यात्री वाहनों के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल) जारी की है। अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले यात्रियों के पास इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप में उसका पहचान प्रमाण पत्र और टिकट होनी चाहिए। इसके अलावा, बस स्टाफ के साथ-साथ यात्रियों के मोबाइल फोन में भी‘आरोग्य सेतु एप’ डाउनलोड किया होना चाहिए। इसके सभी प्रासंगिक विवरण भरे हुए हों और यह एप हर समय कार्यात्मक होना चाहिए।

परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि बसों में यात्रा के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी और यात्री में एन कोविड का कोई लक्षण न हो। यदि कोई ऐसा व्यक्ति बस में बैठा हुआ है तो उसे तुरंत बस से उतारकर घर भेजा जाना चाहिए और उसके संपर्क में आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक बस में सवार यात्रियों की संख्या 30-35 से अधिक नहीं होनी चाहिए। यात्रियों को लाने-ले जाने के काम में लगी बसों को पूरी तरह से सेनेटाइज किया जाना चाहिए। बसों के अंदर हर समय सेनेटाइजर की बोतलें उपलब्ध होनी चाहिए और बस कर्मचारियों द्वारा नियमित अंतराल पर इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बस में सवार यात्रियों और बस अड्डों पर सभी लोगों ने मास्क पहनने हों और सभी यात्रियों के पास सेनेटाइजर होना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज की बसों में अंतर-राज्यीय यात्रा के संबंध में विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यात्री बस अड्डों पर तथा बसों में एन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित करेंगे और शारीरिक दूरी बनाए रखेंगे। बस के अंदर या बाहर अथवा बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की मनाही है। इसके अलावा, छींकते या खांसते समय उन्हें अपने चेहरे को ढक कर रखना होगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा करते समय, वहां तैनात कर्मचारियों द्वारा यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसे किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिसका तापमान अधिक हो। स्क्रीनिंग करते समय थर्मल स्क्रीनिंग करने वाले कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना आवश्यक है और उसे स्वयं को उचित और पर्याप्त रूप से सेनेटाइज करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यात्रियों के आवागमन को सुचारू बनाने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर संचालित इंटर-स्टेट और अंतरराज्यीय मार्गों का विभागीय वेबसाइट और प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा।

Have something to say? Post your comment