Wednesday, July 08, 2020
Follow us on
Haryana

मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता मेेंं आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा विपणन सीजन 2020-21 के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने के निर्णय का स्वागत किया

June 02, 2020 10:10 PM
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता मेेंं आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा विपणन सीजन 2020-21 के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने के निर्णय का स्वागत किया है। 
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी खरीफ फसलों की बुआई से पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा से किसान अपनी फसलों का विकल्प चुनने के लिए पहले से ही मन बना लेंगे। इससे जहां एक ओर किसानों को उनकी ऊपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में बल भी मिलेगा। 
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से किसानों को उनकी ऊपज के उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत से अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर वर्ष फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने का एक स्थायी फार्मूला लागू किया है और इसमें हर वर्ष फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि होनी निश्चित है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य में वास्तविक वृद्धि होगी और यह रामतिल के मामले में 755 रूपये प्रति क्विंटल, तिल में 370 रूपये प्रति क्विंटल, उड़द में 300 रूपये प्रति क्विंटल, कपास (लम्बा रेशा) में 275 रूपये प्रति क्विंटल, कपास (मध्यम रेशा) में 260 रूपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी बीज में 235 रूपये प्रति क्विंटल, तूर (अरहर) में 200 रूपये प्रति क्विंटल, मूंगफली में 185 रूपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन में 170 रूपये प्रति क्विंटल, बाजरे में 150 रूपये प्रति क्विंटल, रागी में 145 रूपये प्रति क्विंटल, मूंग में 146 रूपये प्रति क्विंटल, मक्का में 90 रूपये प्रति क्विंटल, ज्वार में 70 रूपये प्रति क्विंटल और धान में 53 रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि होगी। 
श्री मनोहर लाल ने कहा कि केन्द्र सरकार का यह निर्णय दर्शाता है कि कृषि एवं किसान हित उनके लिए सर्वोपरि है और समय-समय पर किसान हितैषी फैसले लेते रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘‘मेरा पानी-मेरी विरासत’’ योजना के तहत किसानों से अपील की गई है कि वे धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कि मक्का, बाजरा, दलहन तथा सब्जियां व फल की खेती करें। उन्होंने कहा कि अन्य वैकल्पिक फसलों को ऊगाने की एवज में किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने धान के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक फसलों की एमएसपी में वृद्धि की है। प्रदेश के साथ-साथ केन्द्र सरकार भी फसल विविधिकरण को बढ़ावा दे रही है और किसान वैकल्पिक फसलों से भी उचित आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। 
Have something to say? Post your comment
More Haryana News
SEPT DEADLINE University exams: After UGC order, Haryana to consult VCs MCG hires 2 ambulances to ferry Covid bodies Schools start nursery admission online फरीदाबाद: विकास दुबे की तलाश में छापेमारी, पुलिस ने विकास के एक साथी को किया गिरफ्तार राज्य के सभी 22 जिलों में स्थापित की जाएंगी, जिससे राज्य के लगभग 70,000 एमएसएमई लाभान्वित होंगे:मनोहर लाल निजी क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं के लिए कानून लागू होने पर किसी की नौकरी नहीं जाएगी – उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने गठबंधन सरकार का जताया आभार
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला प्रदेश के हर खंड में बायोगैस प्लांट लगाने का आदेश देकर जाहिर कर चुके हैं इस परियोजना का महत्व
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत राज्य के मछुआरे व मत्स्य पालकों का 5 लाख रूपए का नि:शुल्क बीमा किया जाएगा:जयप्रकाश दलाल हरियाणा सरकार ने इस वर्ष श्रावण मास के दौरान महा शिवरात्रि पर हरिद्वार से पवित्र गंगा नदी के जल को प्रदेश में लाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया