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Haryana

एचएसवीपी में कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों को निकाला जाएगाचीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने लिखा लेटर, एडवोकेट्स को भी हटाने के आदेश

May 31, 2020 08:13 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MAY 31

एचएसवीपी में कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों को निकाला जाएगाचीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने लिखा लेटर, एडवोकेट्स को भी हटाने के आदेश

कोविड 19 का असर एक ओर जहां शहर के लोगों प्राइवेट सेक्टर में दिखाई दे रहा है, वहीं अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। एचएसवीपी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने पंचकूला के साथ-साथ पूरे हरियाणा के सभी एडमिनिस्ट्रेटर ऑफिस, इस्टेट ऑफिस को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा कि एचएसवीपी की वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है। कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों और अधिकारियों को पारदर्शिता के आधार पर भी नहीं रखा गया है। ऐसे में इन सभी को हटा दिया जाए।
चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने खुद लिस्ट बनाकर छंटनी करनी भी शुरू कर दी है। इसके चलते कई जिलों में एचएसवीपी के कोर्ट केस के लिए रखे गए वकीलों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया है। वहीं सभी को लिस्ट बनाकर हेड ऑफिस में देने के लिए कहा गया है, ताकि उस पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके।
पंचकूला इस्टेट ऑफिस की ओर से लिस्ट को तैयार किया जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों के नाम और काम का जिक्र किया जाएगा। इसके साथ ही रेगुलर अधिकारियों का नाम, पोस्टिंग के बारे में भी ब्याेरा देना होगा। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि कितने अधिकारियों या कर्मचारियों को निकाला जाए। चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने अपने लेटर में साफ-साफ कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट पर जिन भी अधिकारियों, कर्मचारियों को रखा गया है, उनकी नियुक्ति करने के दौरान पूरी तरह से पारदर्शिता नहीं बरती गई है। पंचकूला इस्टेट ऑफिस से लेकर इंजीनियरिंग विंग में कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों और अधिकारियों की भरमार है। यहां इस्टेट ऑफिस में तो नायब तहसीलदार, कानूनगो, जेई, एएसडीओ को भी कॉन्ट्रैक्ट पर लगाया गया है। जबकि पहले के मुकाबले रेगुलर अधिकारी भी यहां अा चुके हैं।
कमजोर वित्तीय स्थिति को बताया बड़ा कारण...
चीफ एडमिनिस्ट्रेटर की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि एचएसवीपी की वित्तीय स्थिति कमजोर है। ऐसे में इन कर्मचारियों या अधिकारियों के बिना भी काम किया जा सकता है। ऐसे में एचएसवीपी पर वित्तीय बोझ गिराया जा रहा है। ये लेटर पंचकूला जोन के एडमिनिस्ट्रेटर के साथ-साथ रोहतक, हिसार, गुरुग्राम के एडमिनिस्ट्रेटर को भी जारी किया गया है। इसमें कुछ अधिकारियों का नाम लेकर जिक्र किया गया है कि इन्हें जिस काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया था, वो काम इनके बिना भी किया जा सकता है। इसलिए इस वित्तीय बोझ को कम किया जाए।
असर: नए और बड़े प्रोजेक्ट्स को टाला जा सकता है...
अब एचएसवीपी की ओर से नए और बड़े कुछ प्रोजेक्ट्स को अभी टालने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए एक मीटिंग चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ऑफिस में भी की गई है। जिसके चलते अब कुछ प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक लग सकती है। प्लानिंग बनाई जा रही है, कि मार्केट में एचएसवीपी की ओर अगर किसी से कोई फीस लेनी है, कोई पेडिंग है, तो सबसे पहले उसे लिया जाए। क्योंकि अभी वित्तीय स्थिति सही नहीं हैं। इसके साथ-साथ कुछ नए प्लॉटिंग एरिया को बेचने के बारे में भी प्लान बनाया जा रहा है, लेकिन अभी कोविड के कारण ये भी सिरे नहीं चढ़ पाएगा।

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