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NBT EDIT -मुश्किल होती लड़ाई

March 26, 2020 06:10 AM

COURTESY NBT MARCH26

मुश्किल होती लड़ाई


देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। पूरी दुनिया में यह अब तक का सबसे बड़ा लॉकडाउन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कहा कि ‘21 दिन नहीं संभले तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा।’ पिछले दिनों जिस तरह कई इलाकों में लोगों ने लॉकडाउन को लेकर लापरवाही दिखाई, उससे सरकार को इस बार सख्त रुख अपनाना पड़ा है। नियम तोड़ने वालों पर एक महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है। इस सख्ती की तात्कालिक वजह यह है कि पिछले दिनों 64 हजार के करीब भारतीय और विदेशी यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों से यहां आए हैं। इन इलाकों में कोविड-19 का प्रकोप बहुत ज्यादा है, लिहाजा वहां से इनके आने के बाद भारत में बीमारी फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है। इस लंबे लॉकडाउन का मकसद यह है कि बाहर से आए किसी व्यक्ति में अगर वायरस है भी तो वह इसे फैला न पाए। जिन मरीजों में लक्षण आने होंगे उनमें ये 14 दिन में दिख जाएंगे और उनका इलाज शुरू हो जाएगा। दूसरी तरफ जो पहले से संक्रमित हैं उनका इलाज इस बीच पूरा हो जाएगा। लंबे लॉकडाउन से कई अप्रत्याशित चुनौतियां भी सामने आने वाली हैं। उनसे निपटने के लिए सरकार को दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देना होगा। जैसे अभी कई चिकित्सा कर्मियों ने शिकायत की है कि उनके मकान मालिक उनसे जबरन मकान खाली करा रहे हैं। इस पर गृह मंत्री ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे इन मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करें। चिकित्सा से जुड़े सभी लोगों को अभी हर तरह की सुविधा प्रदान करनी होगी। यह भी देखना होगा कि उन्हें उच्च कोटि के मास्क और ग्लव्ज जैसे सुरक्षा संसाधनों की कमी न झेलनी पड़े, जिसकी शिकायतें अभी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा से लोगों में सबसे बड़ी चिंता आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि जरूरी चीजों का मिलना सुनिश्चित करने के लिए सरकार हालात की निगरानी कर रही है। लोगों को रोजमर्रा की चीजों की किल्लत नहीं होनी चाहिए और इनकी कीमतें नियंत्रित रहनी चाहिए। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लगे मजदूरों के लिए श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने राहत का ऐलान किया है। 52,000 करोड़ के लेबर सेस फंड से पैसा सीधे मजदूरों के अकाउंट में भेजा जाएगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणी के मजदूरों को एक माह का राशन मुफ्त दिया जाएगा। लॉकडाउन लंबा है, इसलिए आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों और किसी मजबूरी के तहत कहीं आने-जाने वालों की आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर नियम स्पष्ट होने चाहिए। कोरोना के चक्कर में अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग अस्पताल न पहुंच पाएं, ऐसी नौबत भी नहीं आनी चाहिए। जाहिर है, लंबे लॉकडाउन में नियमों से ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह होगी कि प्रशासन कितने संवेदनशील तरीके से उनको लागू करता है।
सख्त इम्तहान लेगा लॉकडाउन

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