Saturday, September 19, 2020
Follow us on
BREAKING NEWS
MI vs CSK: चेन्नई ने जीता टॉस, गेंदबाजी का लिया फैसला183 करोड़ रुपये से गांवों में होगी सड़कें चकाचक, सफर होगा सुहाना - दुष्यंत चौटालाकिसान अन्नदाता है, जो पूरे देश के लोगों का पेट भरता है : अभय सिंह चौटालागिरफ्तार किए गए अलकायदा के संदिग्धों आतंकियों को कोलकाता लाया गयाआंध्र प्रदेश: 8218 नए कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि, 58 लोगों की मौतभारतीय सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए पाकिस्तान सीमा पर 3000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कियामनोहर लाल ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए नगर निगम, फरीदाबाद को 5.66 करोड़ रुपये की धनराशि के आवंटन को मंजूरी दे दी 21 सितंबर को होगा भाजपा की प्रदेश स्तरीय "सेवा ही संगठन" ई-बुक का लोकार्पण
Haryana

गेहूं की कटाई हो सकती है प्रभावित

March 26, 2020 05:52 AM

COURTESY NBT MARCH 26

चिंता• मजूदरों की कमी से किसान होने लगे हैं परेशान • एक सप्ताह बाद गेहूं की कटाई का काम होगा शुरू• एनबीटी न्यूज, बल्लभगढ़



कोरोना वायरस को लेकर देशभर में घोषित किए गए लॉकडाउन से किसान गेहूं की कटाई को लेकर चिंता में पड़ गए हैं। इस बार जहां किसानों को गेहूं की कटाई के लिए मजदूरों की कमी का सामना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर गेहूं निकासी के लिए भी परेशानी हो सकती है।

खेतों में गेहूं व सरसों की फसल लगभग पक कर तैयार हो चुकी है। एक सप्ताह बाद गेहूं व सरसों की कटाई शुरू हो जाएगी। मगर कोरोना से निपटने के लिए जिला व प्रदेश की सीमाएं सील होने से किसानों को मजदूरों न मिलने की चिंता सताने लगी है। फसल कट भी गई तो उसे मंडियों तक कैसे पहुंचाएंगे, इसको लेकर भी उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। किसानों की फसल कटाई का पूरा दारोमदार दूसरे प्रदेशों से आने वाले मजदूरों पर टिका हुआ है। हर साल गेहूं की कटाई के लिए यूपी व बिहार के अलावा पड़ोसी जिलों से हजारों की संख्या में मजदूर यहां पहुंचते हैं। अभी कोरोना वायरस के चलते देश में पूरी तरह लॉकडाउन है। इसके चलते न तो बसें चल रही हैं और न ही ट्रेनें। ऐसे में इन मजदूरों का पहुंचना संभव नहीं होगा। यही वजह है कि किसानों की नींद उड़ी हुई है। सरसों का रकबा कम होने के कारण किसानों ने जैसे-तैसे स्थानीय मजदूरों की मदद से सरसों की कटाई तो कर ली, लेकिन गेहूं की कटाई दूसरे प्रदेशों के मजदूरों की मदद के बगैर संभव नहीं। यही वजह है कि प्रदेश में जो थोड़े-बहुत मजदूर हैं, उनकी बुकिंग पहले ही शुरू हो गई है। इन मजदूरों के पास किसान दिन-रात चक्कर लगा रहे हैं, ताकि फसल कटाई के समय कुछ राहत मिले। मजदूरों के नहीं मिलने से किसानों के पास दूसरा विकल्प कंबाइन से गेहूं की कटाई का होता है। इसमें भी मुश्किल यह कि प्रदेश में किसानों के पास कंबाइन मशीनें नाममात्र की हैं। हर बार फसल सीजन में दूसरे राज्यों से कंबाइन मशीनें यहां पहुंचती हैं, राज्य की सीमाएं सील होने से हरियाणा में उनकी एंट्री मुश्किल होगी। बहादुरपुर गांव के किसान रविंद्र बांकुरा व प्रहलाद बांकुरा ने बताया कि मजदूरों की मदद के बगैर किसान फसल को कैसे काटेगा। खासकर मंडियों में मजदूर नहीं मिलने से कई तरह की मुश्किलें आ सकती हैं। मजदूरों की कमी से उठान और लदान का काम प्रभावित होना तय है। किसान कटाई के दौरान खांसी और जुकाम की दिक्कत होने के चलते कटाई से परहेज कर रहे हैं। किसानों का यह भी कहना है कि कोरोना के चलते गेहूं खरीद शुरू होने की उम्मीद कम है, तो केंद्र तक गेहूं कैसे पहुंचेगा। मार्केट कमिटी बल्लभगढ़ के सचिव ऋषि कुमार ने बताया कि बल्लभगढ़ अनाज मंडी खुली हुई है। सरकार ने मंडियों को बंद नहीं किया है। मंडी में अभी मजदूर नहीं हैं, यह अलग बात है।
गेहूं की कटाई हो सकती है प्रभावित

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
183 करोड़ रुपये से गांवों में होगी सड़कें चकाचक, सफर होगा सुहाना - दुष्यंत चौटाला किसान अन्नदाता है, जो पूरे देश के लोगों का पेट भरता है : अभय सिंह चौटाला मनोहर लाल ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए नगर निगम, फरीदाबाद को 5.66 करोड़ रुपये की धनराशि के आवंटन को मंजूरी दे दी
21 सितंबर को होगा भाजपा की प्रदेश स्तरीय "सेवा ही संगठन" ई-बुक का लोकार्पण
अनूप धानक ने आज हिसार जिले में कुंभा-खरकड़ा सडक़ मार्ग का शिलान्यास किया Notify Najafgarh lake: NGT to Haryana, Delhi GURGAON-Glimpsing into the dreams of a green entrepreneur GURGAON-125 health workers tested positive since March: Data 3हरियाणा: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कल सोनीपत का दौरा करेंगे
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के बढ़ते कदमों से बौखलाई कांग्रेस अपना रही है अनैतिक हथकंडे - दिग्विजय चौटाला