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Haryana

GURGAON-51 डिवेलपरों ने फ्लैट तो बेचे पर नहीं किया बिजली का इंतजाम वसूली फुल, बिजली गुल

February 22, 2020 05:37 AM

COURTESY NBT FEB 22

बच्चे ने समझदारी िदखा बजाया अलार्म तो बची जान
जनरेटर नहीं चला, 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा मासूम

51 डिवेलपरों ने फ्लैट तो बेचे पर नहीं किया बिजली का इंतजाम

वसूली फुल, बिजली गुल

 

गुड़गांव में एक व्यवसायिक और 4 रिहायशी कॉलोनियां ऐसी भी हैं, जहां विभाग के पास बिजली पहुंचाने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं। इनमें सेक्टर-107 में कोजेंट रिलेटर, सेक्टर9104 में मैजिक इन्फो सॉल्यूशन, सेक्टर-82 और 83 स्थित मेप्सको रॉयल विले, सेक्टर-82ए में प्रीमस रेजिडेंट कंडोमिनियम रिहायशी कॉलोनियां हैं। इनमें 3908 रेजिडेंट रह रहे हैं। सेक्टर-83 में सफायर मॉल भी इनमें शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एनवायरनमेंट पलूशन (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) अथॉरिटी की सख्ती के बाद डीएचबीवीएन ने हाल ही में एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, सेक्टर-58 से 115 तक, सोहना और मानेसर में इन डिवेलपर्स ने 80 कॉलोनियों को विकसित किया है। इनमें 47 रिहायशी और 33 व्यवसायिक कॉलोनियां हैं। इन डिवेलपर ने 11 केवीए का अस्थाई कनेक्शन लिया हुआ है।
विभाग बिजली पहुंचाने

में है असमर्थ


करीब 80 कॉलोनियों में ठीक नहीं बिजली व्यवस्था
हमारे पास बिजली का पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है, लेकिन डिवेलपर ने अपनी कॉलोनी में पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाया है। इन डिवेलपरों को नोटिस जारी कर चुके हैं, लेकिन ये इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब डीसी को हस्तक्षेप करने के लिए पत्र लिखा है। -आशुतोष पांचाल, ईएक्सईएन, डीएचबीवीएन
सारे होम्स सोसायटी की छठी मंजिल पर लगी लिफ्ट में बंद हो गया था 7 साल का बच्चा
डिवेलपर्स को दिया गया था नोटिस, काम न करने पर डीसी से कार्रवाई

का आग्रह• एनबीटी न्यूज, गुड़गांव

 

बिजली गुल होने पर सेक्टर-92 स्थित सारे होम्स के एक टावर में छठी मंजिल की लिफ्ट में 7 साल का बच्चा फंस गया। इस दौरान जनरेटर भी नहीं चला, क्योंकि उसमें डीजल नहीं था। बच्चे ने बहादुरी दिखाते हुए जैसे-तैसे अलार्म बजा दिया। इसके बाद आवाज सुनकर सिक्युरिटी गार्ड्स लिफ्ट की तरफ दौड़े। गार्ड्स ने लिफ्ट खोलकर बच्चे को बाहर निकाला। करीब 20 मिनट तक वह लिफ्ट में फंसा रहा। गुस्साए लोगों ने सेक्टर-93 पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई है।

सोसायटी में 20 मंजिल के 8 टावर हैं। एक टावर की 11वीं मंजिल पर रह रहा 7 साल का बच्चा सुबह 8 बजे किसी कारण अकेला नीचे आ रहा था। उसी दौरान मुख्य बिजली केबल में फॉल्ट आने से कॉलोनी की बिजली गुल हो गई। रेजिडेंट्स के मुताबिक, इस लिफ्ट का ऑटोमेटिक रिस्क्यू डिवाइस सिस्टम काम नहीं कर रहा था, जिस वजह से लिफ्ट नहीं खुली।

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि बिजली के एवज में बिल्डर को एडवांस राशि दी जाती है। कॉमन एरिया की बिजली से लिफ्ट्स का संचालन होता है। बिजली जाने पर जनरेटर ऑटोमेटिक चल जाता है, लेकिन डीजल नहीं होने से यह नहीं चल सका। उन्होंने आग्रह किया कि बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। आरडब्ल्यूए प्रेजिडेंट आदित्य जाखड़ ने बताया कि आए दिन उनकी कॉलोनी में डिवेलपर की लापरवाही से कोई न कोई दिक्कत आती रहती है। हयातपुर पुलिस चौकी के सब इंस्पेक्टर सविता ने बताया कि शिकायत मिली है।• दीपक आहूजा, गुड़गांव

 

जिंदगी भर की कमाई लगाकर लोग बिल्डर से फ्लैट खरीदते हैं, लेकिन मोटा मेंटिनेंस चार्ज देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के लिए उन्हें जूझना पड़ता है। बिजली विभाग के सर्वे के मुताबिक, शहर की 80 कॉलोनियों में बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है। इस वजह से यहां घंटों कट लगते हैं, जिससे लोगों को जनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे शहर का प्रदूषण लेवल भी बढ़ रहा है। डीएचबीवीएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि 51 डिवेलपरों ने रिहायशी और व्यवसायिक कॉलोनियां तो विकसित कर ली हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का इंतजाम नहीं किया। कई बार नोटिस देने के बावजूद स्थिति जस की तस है। अब इस मामले से डीएचबीवीएन ने डिप्टी कमिश्नर को अवगत करवाते हुए इन डिवेलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

बता दें कि बढ़ते प्रदूषण को लेकर पिछले साल एक नवंबर को ईपीसीए चेयरमैन भूरे लाल ने जनरेटर पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। हरियाणा सरकार को आदेश दिया था कि वे पर्याप्त बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कराकर कॉलोनियों में चल रहे जनरेटर पर प्रतिबंध लगाएं, लेकिन गुड़गांव में कोई सुधार नहीं आया है।

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