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HARYANA-3 साल पहले खत्म हो चुके वैट के सी-फार्म ने बढ़ाई कारोबारियों की परेशानी, विभाग ने कहा-10 करोड़ जमा करो, नहीं तो रिफंड में काटेंगे

December 15, 2019 05:41 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR DEC 15

3 साल पहले खत्म हो चुके वैट के सी-फार्म ने बढ़ाई कारोबारियों की परेशानी, विभाग ने कहा-10 करोड़ जमा करो, नहीं तो रिफंड में काटेंगे

तीन साल पहले खत्म हो चुके हुए वैट के सी-फार्म की समस्या से उद्यमी आज भी परेशान हैं। सरकार ने करीब 200 उद्यमियों व व्यापारियाें से तकरीबन 10 करोड़ रिफंड जमा कराने को कहा है। सरकार ने उद्यमियाें के जीएसटी नंबर में यह रिफंड के यह राशि खड़ी कर दी है। जो बाद में रिफंड में एडजस्ट किए जाएंगे। जीएसटी में आ रही दिक्कत को लेकर शनिवार को जीटी रोड स्थित होटल गोल्ड में पानीपत और सोनीपत के उद्यमियों, व्यापारियों और वकीलों की जीएसटी अफसरों के साथ मीटिंग गई। मीटिंग में जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर पंचकूला विजय सिंह, व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन शिव कुमार जैन, पानीपत डीईटीसी राजाराम नैन, सोनीपत के डीईटीसी अनिल सहित अन्य अफसर शामिल हुए।
बैठक में हरियाणा व्यापार मंडल के चेयरमैन रोशनलाल गुप्ता, पाइट के संचालक सुरेश तायल, जगदीश जैन, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्रीज के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल, उद्यमी राकेश चुघ, सेल टैक्स विभाग से अफसर हरीश बतरा सहित अन्य उपस्थित रहे।
विभाग ने फार्म की जांच ही नहीं की
वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 के दौरान जिन उद्यमियों व व्यापारियों ने वैट में कारोबार किया। व्यापारियों ने ऑफलाइन सी-फार्म लिया। इसकी अब तक जांच नहीं हुई है। उद्यमियों ने कहा कि सरकार ने इसकी जांच नहीं की। और अब डिमांड खड़ी कर दी है। सीनियर सीए शशि चड्‌डा ने कहा कि सी-फार्म के आधार पर जिन कारोबारियों ने लाभ लिया था, उसे सरकार ने डिमांड के रूप में खड़ा कर दिया है।
पानीपत : जीएसटी पर अायाेजित बैठक में उपस्थित अधिकारी।
80 एक्सपोर्टर के नाम अलर्ट लिस्ट में
एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल ने बैठक में कहा कि सेंट्रल जीएसटी ने पानीपत के 80 उद्यमियों-व्यापारियों का नाम अलर्ट लिस्ट में डाल दिया है। ऐसे एक्सपोर्टरों के रिफंड रुक गए हैं। विभाग ने इन एक्सपोर्टरों के प्रति आशंका जताई है कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं कर रहा है। प्रधान ने कहा कि इसे ठीक किया जाए।
हरियाणा व्यापार मंडल की मुख्य मांगें
फार्म सी, एफ, एच एवं ईआई की वेरिफिकेशन से राहत दिलवाई जाए। इस संबंध में विभाग द्वारा जनवरी 2018 काे जारी आदेश काे वापस लिया जाए, तथा नई गाइडलाइन जारी की जाएं।
उद्याेग व्यापार मंडल एवं उच्च अधिकारियाें की प्रति माह एक बैठक जिला स्तर पर रखी जाएं, ताकि समस्याअाें का निदान समय से हाे सके।
पानीपत में जीएसटी घाेटाले से संबंधित 42 व्यापारियाें के खिलाफ एफअाईअार दर्ज हाे चुकी है। इसलिए, यदि काेई अधिकारी या इंस्पेक्टर गलत तरीके से असाइनमेंट करता है ताे उसकी लाइब्रेटी भी फिक्स की जाए।
जाे 42 एफअाईअार दर्ज हुई है। पानीपत के अलावा हरियाणा में अलग है। जिन व्यापारियाें ने इनके जीएसटी नंबर वेरिफाई किए हैं, या उनकी ईटीअाे, टीअाई की मिलीभगत है। उनके अगेंस्ट भी तुरंत एफआईआर के आदेश जारी की जाएं। नहीं ताे घाेटाले हाेते रहेंगे।
जीएसटी रिफंड पूरे हरियाणा में स्वचालित हा।
जाे अधिकारी, इंस्पेक्टर, ईटीअाे, अाईटी, पांच वर्ष या इससे ऊपर समय तक एक स्थान पर कार्यरत है। उनका तुरंत तबादला किया जाना चाहिए। ईटीअाे, अाईटी किसी एक जिले में तीन वर्षाें से अधिक कार्यरत न रहे।
घोटालेबाज व्यापारियाें से पूरा पैसा वसूलें। जाे कई साै कराेड़ बनता है। उससे व्यापारी कल्याण काेष बने।
व्यापारी कल्याण बाेर्ड की अाेर स्वीकृत व्यापारी का फ्री जीवन बीमा यानी दुर्घटना हाेने पर जान माल के नुकसान के लिए बीमा प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
वैट घाेटालाें की फाइल खाेली जाए, व्यापारी एवं अधिकारी जाे दाेषी हाे उससे पैसा वसूला जाएं।

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