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Editorial

NAV BHARAT TIMES -तनख्वाह का दिन

November 18, 2019 06:34 AM

COURTESY NAV BHARAT TIMES EDIT NOV 18


केंद्र सरकार फॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स के लिए ‘वन नेशन, वन पे डे’ लागू करने पर विचार कर रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से हर सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों और मजदूरों को एक दिन ही सैलरी मिला करेगी। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को सेंट्रल असोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्यॉरिटी इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘सिक्यॉरिटी लीडरशिप समिट-2019’ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चाहते हैं इससे संबंधित कानून जल्द से तैयार होकर पास हो जाए। देश भर में एक दिन वेतन दिए जाने से नौकरीशुदा तबके को काफी राहत मिलेगी। अभी कई क्षेत्रों में वेतन भुगतान को लेकर अनिश्चितता रहती है। इससे वर्कर्स को कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। वे अपने रोजमर्रा के खर्च के बारे में कई फैसले लेने से हिचकते हैं। यह आर्थिक असुरक्षा उनके कामकाज पर असर डालती है। कुछ कंपनियों के वर्कर्स में इस बात को लेकर असंतोष रहता है कि उनके यहां समय पर वेतन नहीं मिलता, जबकि कई जगहों पर सही समय पर सैलरी मिल जाती है। इसका भी काम पर असर पड़ता है। जब वेतन का दिन निर्धारित हो जाएगा तो वर्कर के भीतर एक तरह की सुरक्षा रहेगी। वेतन को लेकर अनिश्चितता समाप्त हो जाएगी। वह अपने खर्च को लेकर तात्कालिक ही नहीं, दूरगामी योजना भी बना सकता है। वह बचत या निवेश के बारे में भी सोच सकता है। जब इस बारे में कानून बन जाएगा तो कंपनियां भी सैलरी देने में कोताही नहीं कर पाएंगी। कंपनी प्रबंधन पर इसका एक दबाव बना रहेगा। निश्चय ही यह एक महत्वपूर्ण पहलकदमी होगी। इस कानून को जल्द से जल्द लाने की जरूरत है। एक लोककल्याणकारी राज्य में जरूरी है कि वेतन में बहुत ज्यादा असमानता न हो। हर मजदूर को इतना वेतन जरूर मिले कि वह एक सम्मानजनक जीवन जी सके। इसके अलावा उसे तमाम बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। मोदी सरकार इसे लेकर सचेत है। संतोष गंगवार के अनुसार सरकार यूनिफॉर्म मिनिमम वेज प्रोग्राम को लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि मजदूरों की जिंदगी में सुधार हो सके। इसके लिए सरकार व्यावसायिक सुरक्षा, हेल्थ ऐंड वर्किंग कंडीशन कोड, कोड ऑन वेजेज को लागू करने की भी तैयारी में है। संसद से कोड ऑन वेजेज को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और अब इसके नियमों पर काम चल रहा है। हेल्थ ऐंड वर्किंग कंडीशन कोड को लोकसभा में इसी साल जुलाई में पेश किया गया था। यह कोड 13 श्रम कानूनों को मिलाकर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा इसमें कई और प्रावधान भी जोड़े गए हैं। मसलन हर कर्मचारी को अपॉइंटमेंट लेटर, सालाना फ्री मेडिकल चेकअप जैसे सुविधाएं देने की बातें इसमें शामिल की गई हैं। इन सुधारों से देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव आएगा।

 
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