Saturday, July 11, 2020
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल में "हर सर हेलमेट" अभियान का शुभारम्भ कियाहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हार्दिक शुभकामनाएं दीविकास दुबे की पत्नी ऋचा के भाई राजू खुल्लर को भी रिहा करेगी STFकोरोना के उपचार के लिए Itolizumab का हो सकेगा इस्तेमाल, DCI ने दी मंजूरीकानपुरः गैंगस्टर विकास दुबे के गांव में तैनात की गई RAFदिल्ली के राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षा रद्द, पास किए जाएंगे सभी छात्रः मनीष सिसोदियाजम्मू कश्मीरः कुपवाड़ा के नौशेरा सेक्टर में LOC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकी ढेरगैंगस्टर विकास दुबे की संपत्ति की जांच शुरू, ED ने मांगे आपराधिक गतिविधियों और सहयोगियों के विवरण
Haryana

SONIPAT-फैक्ट्रियां बंद होने पर श्रमिकों के साथ रोड पर उतरे उद्यमी, बोले-प्रदूषण बढ़े तो दिल्ली खुद सुधार करे

November 13, 2019 05:28 AM


COURTESY DAINIK BHASKAR NOV 13


20 दिन से 600 उद्योग बंद होने से श्रमिकों को दाल-रोटी के पड़े लाले, उद्यमियों का कामकाज ठप

एचएसआईआईडीसी बड़ी में बने उद्योगों के मालिक व मजदूर सड़क पर उतर आए हैं। मंगलवार को बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों व मजदूरों ने एचएसआईआईडीसी के गोल चक्कर पर एकत्र होकर सरकार व पाॅल्यूशन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सबकी जुबां पर एक ही नारा था कि दिल्ली के प्रदूषण की सजा सोनीपत की इंडिस्टयों को क्यों दी जा रही है। बंद उद्योगों को चालू करवाने को लेकर उद्योगपति अपने साथ मजदूरों को लेकर सोनीपत पहुंचे और एडीसी जयबीर आर्य को ज्ञापन सौंपा। एचएसआईआईडीसी बड़ी में स्थित करीब 600 फैक्ट्रियां 25 अक्टूबर से बंद पड़ी हैं।
उद्यमियों ने कहा कि एनवायरमेंट पाॅल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्राेल अथाॅरिटी के आदेश पर पिछले करीब 15 दिन से फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। अब 14 नवंबर तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए है। बता दें कि सोमवार को इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने एचएसआईआईडीसी विभाग के अधिकारियों को बंद उद्योग चालू करवाने को लेकर प्रधानमंत्री व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर जल्द उद्योग चालू नहीं होते है तो 13 नवंबर से धरने पर बैठ जाएंगे। मंगलवार को बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ उद्यमी व मजदूर हाथों में स्लोगन लिखी पट्टियां लेकर करीब 11 बजे गोल चक्कर में एकत्र हो गए। इसके बाद एचएसआईआईडीसी विभाग के कार्यालय के सामने से हाईवे तक रोष प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
उद्योगपतियों ने कहा-उद्योग बंद होने के चलते एक्सपोर्ट आॅर्डर पड़े हैं पेंडिंग
गन्नौर. एचएसआईआईडीसी में उद्योग बंद होने पर रोष प्रदर्शन करते उद्यमी व श्रमिक।
आए दिन हो रही दिक्कत ः नवीन बंसल
उद्योगपति नवीन बंसल का कहना है कि दिल्ली से आकर बड़ी में उद्योग इसी सोच के साथ शुरू किया था कि आराम से काम करेंगे, लेकिन आए दिन की दिक्कत हो रही है 20-20 दिन के लिए उद्योग बंद हो जाते हैं। परेशानी बढ़ती चली जाती है। उनके साथ जो श्रमिक लगे है उनको रोटी खाने तक लाले पड़ जाते हैं। मांग है कि सोनीपत की इंडस्ट्रियों को दोषी न ठहराया जाए।
किराए लगाकर आ रहे, काम नहीं मिल रहा : श्रमिक
श्रमिक पूनम, मुकेश रानी, सीमा, गीता, सरोज आदि का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से उन्हें कंपनी में काम नहीं मिल रहा है। आए दिन किराया लगाकर कंपनी में आ रहे है, लेकिन खाली हाथ वापिस लौटना पड़ रहा है। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। यहां आने पर पैसे तो खर्च हो रहे है साथ ही काम न चालू होने पर समय की बर्बादी भी हो रही है।
भास्कर न्यूज | गन्नौर
एचएसआईआईडीसी बड़ी में बने उद्योगों के मालिक व मजदूर सड़क पर उतर आए हैं। मंगलवार को बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों व मजदूरों ने एचएसआईआईडीसी के गोल चक्कर पर एकत्र होकर सरकार व पाॅल्यूशन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सबकी जुबां पर एक ही नारा था कि दिल्ली के प्रदूषण की सजा सोनीपत की इंडिस्टयों को क्यों दी जा रही है। बंद उद्योगों को चालू करवाने को लेकर उद्योगपति अपने साथ मजदूरों को लेकर सोनीपत पहुंचे और एडीसी जयबीर आर्य को ज्ञापन सौंपा। एचएसआईआईडीसी बड़ी में स्थित करीब 600 फैक्ट्रियां 25 अक्टूबर से बंद पड़ी हैं।
उद्यमियों ने कहा कि एनवायरमेंट पाॅल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्राेल अथाॅरिटी के आदेश पर पिछले करीब 15 दिन से फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। अब 14 नवंबर तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए है। बता दें कि सोमवार को इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने एचएसआईआईडीसी विभाग के अधिकारियों को बंद उद्योग चालू करवाने को लेकर प्रधानमंत्री व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर जल्द उद्योग चालू नहीं होते है तो 13 नवंबर से धरने पर बैठ जाएंगे। मंगलवार को बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ उद्यमी व मजदूर हाथों में स्लोगन लिखी पट्टियां लेकर करीब 11 बजे गोल चक्कर में एकत्र हो गए। इसके बाद एचएसआईआईडीसी विभाग के कार्यालय के सामने से हाईवे तक रोष प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण हरियाणा क्या करेगा
उद्यमी शिवकुमार का कहना है कि प्रदूषण स्तर दिल्ली में बढ़ रहा है तो इसके लिए दिल्ली को ही सुधार करना होगा। इसमें हरियाणा क्या कर सकता है। हरियाणा पर तो सिर्फ इसी मार पड़ रही है। इंडस्ट्रियां सभी नार्म पूरे कर रही हैं। आॅनलाइन माॅनिटरिंग सिस्टम से हर मिनट की रिपोर्ट एचएसपीसीबी और सीपीसीबी तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग बंद होने से उन्हें जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई कौन करेगा।
'काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है, कस्टमर टूट गए'
उद्यमी नरेंद्र गुप्ता, अमित गोयल, नवीन बंसल, नरेंद्र नंदा, हिंमाशु, विनोद जैन, शिव कुमार कालिया, वरूण अग्रवाल, पुनीत बब्बर, पवन अग्रवाल, अतुल हांडा, विनय कौशिक आदि ने कहा कि उद्योग बंद होने से उनका काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है, कस्टमर टूट गए है। उद्योग चलाने को लेकर बैंक से लोन ले रखा है, काम नहीं चलेगा तो किश्त कैसे भर पाएंगें। साथ ही बिजली, पानी समेत अन्य खर्चें है। उद्योग बंद होने से कारोबार के साथ-साथ श्रमिक भी प्रभावित हो रहे है। उद्योग बंद होने के चलते एक्सपोर्ट आॅर्डर पेंडिंग पड़े है। अगर वक्त पर आॅर्डर नहीं दिए गए तो खरीददार किसी अन्य एशियन देश की तरफ रूख कर लेगा। उन्होंने कहा कि दीवाली पर्व पर हर वर्ष 3-4 दिन इंडस्ट्री बंद रहती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। 28 अक्टूबर से पाॅल्यूशन का स्तर बढ़ना शुरू हुआ था। जबकि उन दिनों उद्योग बंद थे। फिर प्रदूषण कैसे बढ़ गया।

Have something to say? Post your comment