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FARIDABAD-जिले में 17 दिन से 7 हजार कंपनी बंद, 4 लाख कर्मचारी बैठे हैं घर, 1000 करोड़ का हो चुका नुकसान

November 12, 2019 05:21 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR NOV 12

, उद्यमी अब आंदोलन की तैयारी में
उद्योगों पर संकट : एफआईए ने ईपीसीए अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को लिखा पत्र, कहा- कपंनियां चालू करने की मांग

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने करीब 7 हजार कंपनियों को बंद कर रखा है। इससे 17 दिन ने करीब 4 लाख कर्मचारी घर बैठे हैं। इससे कंपनियों को अब तक करीब 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इस मुद्दे को लेकर फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) के सभागार में रविवार रात बैठक हुई। उद्यमियों ने कहा कि 17 दिन हो गए कंपनियों को चालू करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जबकि वह शहर में उतना प्रदूषण नहीं फैला रहे हैं जितना दूसरे कारणों से फैल रहा है। उनका कहना है कि बायर से लिए ऑर्डर वापस करने पड़ेंगे। इससे करोड़ों का नुकसान होगा। ऐसे में उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।
ईपीसीए अध्यक्ष को लिखी चिट्‌ठी, बताई उद्योगों की स्थिति
एफआईए के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शैलेन्द्र कपूर के अनुसार एसोसिएशन की ओर से सोमवार को ईपीसीए के अध्यक्ष डाॅ. भूरेलाल और स्थानीय सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री चौ. कृष्णपाल गुर्जर को पत्र लिखा गया है। कंपनियों को चालू करने की मांग की गई है। ईपीसीए को अवगत कराया गया है कि फरीदाबाद की जो इंडस्ट्री रजिस्टर्ड हैं उन्होंने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व अन्य विभागों से सभी प्रकार की एनओसी ले रखी है, उन्हें बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। क्योंकि उन्होंने अपनी यूनिट्स में अवेटमेंट सिस्टम लगा रखा है। चिमनियों से निकलने वाले धुएं को शोधित किया जा रहा है। इससे पोल्यूटेड पार्टिकल्स को ट्रीट किया जाता है।
बायर्स सुना रहे हैं खरी-खोटी: एक्सपोर्ट कंपनी के संचालक नरेंद्र अग्रवाल के अनुसार इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। जो आर्डर लिए हैं, वे समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इससे बायर्स खरी खोटी सुना रहे हैं। आगे से कारोबार नहीं करने के लिए कह रहे हैं। फरीदाबाद से अमेरिका के साथ-साथ यूरोप, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के साथ अच्छा कारोबार है। 17 दिन से कंपनियां बंद हैं। बायर्स सवाल कर रहे हैं कि क्या कंपनी नियमों का फॉलो नहीं कर रही है। इससे उनकी छवि खराब हो रही है।
 उद्यमियों का आरोप है कि कंपनी के बंद होने से 4 लाख कर्मचारी घर बैठे हैं, 1000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसलिए कब उन्हें कंपनी को चलाने की अनुमति मिलेगी?
उत्तर: उनकी परेशानी समझ सकता हूं। वैसे तो मेरी जानकारी में कंपनियों को बंद रखने के लिए 11 नवंबर तक ही आदेश है। वैसे ईपीसीए के टास्क फोर्स की बैठक हो रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
 उद्यमियों का कहना है कि हमने अपनी चिमनियों में अवेटमेंट सिस्टम लगा रखा है, इससे उतना प्रदूषण नहीं फैल रहा, जितना शहर में दूसरे कारणों से प्रदूषण फैल रहा है। आप क्या कहेंगे?
उत्तर: यह भी सही है। कोयले आधारित कंपनियों को बंद रखने का निर्देश दिया है। कंस्ट्रक्शन वर्क, स्टोन क्रशर, हॉट मिक्सिंग प्लांट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद किया जा चुका है। डस्ट आदि को साफ करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
  एस. नारायणन, मेंबर सेक्रेटरी, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

 
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