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HARYANA- अस्थाई निजी स्कूलों को एक साल की एक्सटेंशन दी, 12 लाख बच्चों को राहत

November 08, 2019 05:09 AM

COURTESY DAINIK BHASKR NOV 8

अस्थाई निजी स्कूलों को एक साल की एक्सटेंशन दी, 12 लाख बच्चों को राहत
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का फैसला
इनरोल हो सकेंगे बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी, स्थाई मान्यता की भी उठी मांग
भास्कर न्यूज | रोहतक/राजधानी हरियाणा
प्रदेश के 3200 अस्थाई स्कूलों में पढ़ रहे करीब 12 लाख बच्चों के लिए एक राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को एक वर्ष का एक्सटेंशन जारी कर दिया है। अब इन स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं में पढ़ने वाले लगभग ढाई लाख बच्चे भी अपने बोर्ड फार्म भर सकेंगे।
विभाग द्वारा दी गई इस राहत पर हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इसे सही समय पर उठाया राहत भरा कदम बताया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय वरिष्ठ उपप्रधान संजय धत्तरवाल, महासचिव रणधीर पूनिया, प्रेस प्रवक्ता विनय वर्मा, प्रांतीय लीगल एडवाइजर गौरव भुटानी तथा संरक्षक तेलूराम रामायणवाला, रवींद्र नांदल, उमेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के 3200 अस्थाई व परमिशन वाले स्कूलों में करीब 12 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अकेले दसवीं व 12वीं की बोर्ड कक्षाओं के के लगभग ढाई लाख बच्चे हैं। इन स्कूलों का अभी तक एक वर्ष का एक्सटेंशन लेटर जारी नहीं किया गया था, जिसके चलते शिक्षा बोर्ड भिवानी इन स्कूलों की संबंद्धता फीस नहीं ले रहा था। इसके अलावा संबद्धता न होने के कारण इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बोर्ड परीक्षा फार्म नहीं भरे जा रहे थे। इससे न केवल अभिभावकों, बल्कि स्कूल संचालकों में भी रोष था। दूसरी ओर एक साल का एक्सटेंशन मिलने के बाद अब अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों ने उनकी मान्यता स्थाई करने की मांग की है। इस बारे में जल्द ही हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। इस पर मंत्रिमंडल के गठन के बाद फैसला हो सकता है। निजी स्कूल काफी समय से सरकार से मांग कर रहे हैं।
सीएम की सलाह पर स्कूल संघ गया था हाईकोर्ट
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव से पूर्व स्कूल संचालक एक्सटेंशन लेटर जारी करवाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले थे। सीएम ने उन्हें हाईकोर्ट का रास्ता दिखा दिया और स्कूल संचालक मुख्यमंत्री के कहने पर हाईकोर्ट चले गए। इस पर कोर्ट ने 16 अक्टूबर को फैसला दिया कि दो सप्ताह के अंदर अंदर शिक्षा विभाग उचित कार्रवाई करे। संघ के शिष्टमंडल ने 23 अक्टूबर को शिक्षा सदन पंचकुला में उच्चाधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा था कि इस मामले की फाइल सरकार के पास भेज दी गई है। प्राइवेट स्कूल संघ के अनुसार हरियाणा प्राइवेट स्कूल ने एक नवंबर को जींद में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की थी और दो नवंबर को प्रदेश के सभी नवनियुक्त विधायकों को ज्ञापन सौंपे थे। संघ की इस मांग पर बरवाला के विधायक जोगीराम ने भी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाते हुए प्राइवेट स्कूलों को राहत देने की मांग की थी।
मांग : मान्यता लेने के लिए विभाग पोर्टल खोले
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अब विभाग ने इस स्तर के लिए सभी अस्थाई स्कूलों के लिए एक्सटेंशन लेटर जारी कर दिया है। अब संघ ने मांग की है कि नियमों में सरलीकरण कर इन स्कूलों को स्थाई मान्यता दी जाए। उन्होंने शिक्षा बोर्ड प्रशासन से भी मांग की कि जल्द ही इन स्कूलों के लिए संबंद्धता हेतू पोर्टल खोला जाए ताकि इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे अपना बोर्ड परीक्षा का फार्म भर सके।
इनरोल हो सकेंगे बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी, स्थाई मान्यता की भी उठी मांग
भास्कर न्यूज | रोहतक/राजधानी हरियाणा
प्रदेश के 3200 अस्थाई स्कूलों में पढ़ रहे करीब 12 लाख बच्चों के लिए एक राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को एक वर्ष का एक्सटेंशन जारी कर दिया है। अब इन स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं में पढ़ने वाले लगभग ढाई लाख बच्चे भी अपने बोर्ड फार्म भर सकेंगे।
विभाग द्वारा दी गई इस राहत पर हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इसे सही समय पर उठाया राहत भरा कदम बताया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय वरिष्ठ उपप्रधान संजय धत्तरवाल, महासचिव रणधीर पूनिया, प्रेस प्रवक्ता विनय वर्मा, प्रांतीय लीगल एडवाइजर गौरव भुटानी तथा संरक्षक तेलूराम रामायणवाला, रवींद्र नांदल, उमेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के 3200 अस्थाई व परमिशन वाले स्कूलों में करीब 12 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अकेले दसवीं व 12वीं की बोर्ड कक्षाओं के के लगभग ढाई लाख बच्चे हैं। इन स्कूलों का अभी तक एक वर्ष का एक्सटेंशन लेटर जारी नहीं किया गया था, जिसके चलते शिक्षा बोर्ड भिवानी इन स्कूलों की संबंद्धता फीस नहीं ले रहा था। इसके अलावा संबद्धता न होने के कारण इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बोर्ड परीक्षा फार्म नहीं भरे जा रहे थे। इससे न केवल अभिभावकों, बल्कि स्कूल संचालकों में भी रोष था। दूसरी ओर एक साल का एक्सटेंशन मिलने के बाद अब अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों ने उनकी मान्यता स्थाई करने की मांग की है। इस बारे में जल्द ही हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। इस पर मंत्रिमंडल के गठन के बाद फैसला हो सकता है। निजी स्कूल काफी समय से सरकार से मांग कर रहे हैं।

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