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एजेएल मामला:पूर्व सीएम हुड्डा व चेयरमैन वोरा नहीं हुए सीबीआई कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 29 को

October 22, 2019 02:49 PM

पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को प्लॉट आवंटन मामले की सुनवाई होनी थी। आज यहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड हाउस के चेयरमैन मोती लाल वोरा को कोर्ट में पेश होना था, मगर वो नहीं आए। दोनों आरोपी नेताओं के कोर्ट में पेश न होने से मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 अक्टूबर को तय की गई है।

दरअसल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए नेशनल हेराॅल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड कंपनी को 2005 में 1982 की दरों पर प्लॉट अलॉट करवाया। जांच के मुताबिक जब प्लाट आवंटन हुआ था, तब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन थे। वहीं मोती लाल वोरा एजेएल हाउस के चेयरमैन थे। प्लॉट आवंटन मामले में पंचकूला विशेष सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट की स्क्रूटनी पहले ही पूरी हो चुकी है। मामले में हुड्डा और वोरा के खिलाफ गत वर्ष चार्जशीट दाखिल की गई थी।

विस्तार से ऐसे समझें मामले को
1982 में तत्कालीन सीएम भजनलाल ने यह प्लॉट एजेएल को आवंटित कराया। 10 साल कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ तो हुडा ने इसे वापस ले लिया। 2005 में अफसरों के मना करने के बावजूद तत्कालीन सीएम हुड्‌डा ने 1982 की कीमत पर ही प्लॉट एजेएल को ही फिर से अलॉट कर दिया। हुड्‌डा सीएम होने के साथ हुडा के चेयरमैन भी थे। प्लाॅट पर 2012 में दिल्ली के सिंडीकेट बैंक से 14 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन बिल्डिंग की मरम्मत के लिए लिया गया। 2013 में लोन की राशि चुकाने के कुछ समय बाद दोबारा 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज ले लिया। बाद में यह कर्ज भी चुकाया गया, लेकिन इससे पहले इसी बैंक से 21 करोड़ रुपर से ज्यादा कर्ज ले लिया। अभी भी 13 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बकाया चल रही है।

परमानेंट एक्सेम्पशन याचिका हो चुकी मंजूर

इस मामले में बचाव पक्ष द्वारा आरोपी मोती लाल वोरा की उम्र और मेडिकल कारणों के चलते परमानेंट एक्सेम्पशन के लिए याचिका लगाई गई थी, जिसे सीबीआई कोर्ट ने मंजूर कर दिया था। सोमवार को सीबीआई कोर्ट में होने वाली सुनवाई में इन दोनों नेताओं के शामिल नहीं होने के चलते मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 अक्टूबर को तय की गई है। 29 अक्टूबर को बचाव पक्ष द्वारा लगाई गई हुड्डा की डिस्चार्ज याचिका पर सीबीआई द्वारा दायर किए गए जवाब पर सुनवाई होगी। उसके बाद ही सीबीआई कोर्ट द्वारा बचाव पक्ष की याचिका पर फैसला सुनाया जाएगा।

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