Wednesday, January 22, 2020
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Chandigarh

इस दशहरे पर रावण को मत जलाने का गोदरेज एप्लायसेजे ने जनता से किया आग्रह

October 03, 2019 12:34 PM

होम एप्लायंसेज के क्षेत्र में भारत की बड़ी कंपनियों में से एक गोदरेज एप्लायंसेज ने चंडीगढ़ शहर में दशहरे की पूर्व संध्या पर एक सप्ताह तक चलने वाले ई-वेस्ट जागरूकता अभियान रुइस रावण को मत जलाओ (#IssRaavanKoMatJalaao) की शुरुआत की। अभियान के केंद्र में एक आदमकद रावण अपशिष्ट पदार्थ जैसे रेफ्रिजरेटर घटक वाशिंग मशीन के पुर्जे, केबल, कम्प्रेसर, चार्जर, सर्किट आदि से निर्मित किया गया हैं। नए युग के इस रावण को चंडीगढ़ मोहाली और पंचकुला जैसे शहरों में घुमाते हुए हमारी धरती पर ई-वेस्ट के दुष्प्रभाव के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूक होने का आग्रह किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से गोदरेज पृथ्वी के सभी नागरिकों से ई-वेस्ट का उचित निपटान करने का आग्रह करता है यह कैसे करना है इसकी जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 209 5511 पर कॉल करके ली जा सकती है।

 
पर्यावरण का खयाल रखना गोदरेज की कार्यशैली में शुरुआत से शामिल है। गोदरेज एप्लायंसेज लगातार उद्योग में नए मानदंड स्थापित कर रहा है न केवल उपभोक्ताओं को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल उपकरणों की पेशकश करके बल्कि विभिन्न प्रक्रियाओं में पर्यावरण के अनुकूल विचारधारा को अपनाकर नए प्रतिमान को कायम किया जा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में गोदरेज मोहाली प्लांट को सीआईआई ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की ओर से प्रतिष्ठित ‘ग्रीन कंपनी प्लेटिनम’ सर्टिफिकेशन भी प्राप्त हुआ साथ ही इस प्लांट को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी की तरफ से ग्रीन फैक्ट्री प्लेटिनम‘ सर्टिफिकेशन भी हासिल हुआ है। यह प्रमाणन ऊर्जा कुशल जल कुशल स्वस्थ अधिक उत्पादक और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं को विकसित करने के प्रयासों के लिए दिया गया। प्लांट ने उत्पादन के दौरान उत्पन्न ई-वेस्ट के साथ-साथ उत्पादन के जीवन काल के बाद उचित निपटान के लिए अधिकृत पुनर्नवीनीकरणकर्ताओं के साथ भी करार किया है। यही वजह है कि ‘रुइस रावण को मत जलाओ! जैसे कैम्पेन शुरू करने के लिए गोदरेज एप्लायंसेज ने जनता को भी जागरूक किए जाने का फैसला लिया है।
#IssRaavanKoMatJalaao कैम्पेन हमारी संस्कृति के धागों में बुना एक प्रासंगिक संदेश लोगों तक पहंचाने का एक आदर्श उदाहरण है। भारतीय पौराणिक कथाओं में रावण को हर बुराई का प्रतिनिधि माना जाता है जबकि दशहरा बुराई को हराने वाला और असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव है। दशहरे के बहाने गोदरेज इस बुराई को उजागर कर रहा है कि ई-वेस्ट से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को कितना नुकसान पहुंच रहा है, संदेश देने के लिए ई-वेस्ट का आदमकद रावण बनाया गया है। इस कैम्पेन की अपील यह बता रही है कि ई-वेस्ट को जलाने की बजाय इसका निपटान जिम्मेदारी के साथ करें इसे जलाना पर्यावरण और मानव के लिए हानिकारक है।
प्रेसवार्ता के दौरान गोदरेज एप्लायंसेज के मोहाली प्लांट के मोहाली प्लांट के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट - मैन्युफैक्चरिंग एंड लोकेशन हेड श्री मृगेश के गांधी ने कहा ई-वेस्ट एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन रही है और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन है। ग्लोबल ई-वेस्ट मॉनिटर 2017 के अनुसार भारत प्रतिवर्ष लगभग 2 मिलियन टन (एमटी ई-कचरा उत्पन्न करता है, जो एक खतरनाक आंकड़ा है और आश्चर्यजनक रूप से भारत में कुल ई-वेस्ट का लगभग 10 फीसदी कचरे का ही जिम्मेदारीपूर्वक निपटान होता है। पर्यावरण हितैषी होना ब्रांड के मूल विचार में शामिल है इसलिए हमने इस ई-वेस्ट से संबंधित जागरूकता अभियान की संकल्पना की। यह समुदाय में ई-वेस्ट के ज्वलंत मुद्दे के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए और ई-वेस्ट प्रबंधन में समुदाय की उचित भागीदारी को उत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है।’
गोदरेज एप्लायंसेज की मार्केटिंग हेड सुश्री स्वाति राठी ने कैम्पेन पर बात करते हुए कहा हम भारतीय हमारी परंपराओं और समृद्ध संस्कृति से बंधे हैं। दशहरा समाज के सभी वर्गों में बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने चंडीगढ़ की एक स्थानीय युवा प्रतिभा और कई पुरस्कारों के विजेता तेजिंदर सिंह के साथ मिलकर दशहरे के पीछे की कहानी को ई-कचरे की वर्तमान बुराई के साथ रचनात्मक रूप से बयान करने के लिए तैयार किया। यह विचार हमारे उपभोक्ताओं को ई-वेस्टमें बुराई को पहचानने के लिए प्रेरित करता है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि हम सभी इस बुराई को जीतने का प्रयास करें।

 
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