Monday, January 27, 2020
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NH के लिए जमीन ली तो हर्जाना, ब्याज दें : कोर्ट

September 20, 2019 06:08 AM

COURTESY NBT SEPT 20

NH के लिए जमीन ली तो हर्जाना, ब्याज दें : कोर्ट


Rajesh.Choudhary@timesgroup.com


•नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नैशनल हाइवे के लिए अगर किसी की जमीन अधिग्रहित की जाती है तो हर्जाना और ब्याज दोनों ही उस व्यक्ति को देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने नैशनल हाइवे एक्ट की धारा-3जे को गैर-संवैधानिक करार दिया है। इस धारा के तहत यह प्रावधान किया गया था कि नैशनल हाइवे के लिए अगर जमीन ली जाती है तो उस पर भूमि अधिग्रहण एक्ट लागू नहीं होगा। भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत ही हर्जाना और जमीन की कीमत का ब्याज देने का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो तथ्य सामने हैं उसके तहत सरकार खुद इस बात का मत रखती है कि 1997 से लेकर 2015 के बीच के मामले में हर्जाना और ब्याज दिया जाए। हमारा मानना है कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत हर्जाना और ब्याज का जो प्रावधान है वह नैशनल हाइवे एक्ट के तहत अधिग्रहित जमीन के मामले में भी लागू होगा। धारा-3 जे समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। इसे गैर-संवैधानिक घोषित किया जाता है।

क्या था मामला/

यह मामला 24 दिसंबर 2004 का है। जब नैशनल हाइवे एक्ट के तहत पंजाब में एक शख्स की जमीन का अधिग्रहण किया गया। जमीन के मालिक को जो मुआवजा दिया गया वह उससे असंतुष्ट था। उसने मामले को चुनौती दी। मामला कोर्ट के बाहर समझौते (आर्बिट्रेटर के पास) के लिए गया। आर्बिट्रेटर ने कहा कि नैशनल हाइवे एक्ट के तहत ली गई जमीन पर हर्जाना और ब्याज का प्रावधान नहीं है। इसके बाद मामला पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के सामने गया। हाई कोर्ट ने आदेश पारित कर कहा था कि हर्जाना और ब्याज न देने का प्रावधान कानून की नजर में गलत है। कोर्ट ने नैशनल हाइवे एक्ट की धारा-3 जे को निरस्त किया।

 
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