Tuesday, October 22, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा प्रदेश में 5 जगह कल होगा रिपोलिंग विधानसभा चुनाव:अनुराग अग्रवालहरियाणा में ईवीएम, वीवीपैट की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय घेरा हर तरफ कैमरे और केंद्रीय बलों के जवान तैनातएजेएल मामला:पूर्व सीएम हुड्डा व चेयरमैन वोरा नहीं हुए सीबीआई कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 29 कोयूपीः कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में बरेली से एक शख्स को ATS ने हिरासत में लिया कमलेश तिवारी हत्याकांडः पकड़े गए मौलाना से मिलने आए थे हत्यारोपीक्रिटिक्स चॉइस अवार्ड्स' में इस बार वेब सीरीज़ को भी किया जाएगा शामिलप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को करेंगे करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन SC ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए हाइकोर्ट में दाखिल याचिकाएं ट्रांसफर कीं
 
Haryana

HARYANA कांट्रेक्ट पर होगी सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती सरकारी डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई योजना

September 17, 2019 06:44 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR SEPT 17
कांट्रेक्ट पर होगी सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती
सरकारी डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई योजना
सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब नई पहल की गई है। जिला स्तर पर ही कमेटी का गठन कर डॉक्टरों के इंटरव्यू लिए जा सकेंगे जिन्हें कांट्रेक्टर पर रखा जाएगा। इनमें स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से लेकर एमबीबीएस डॉक्टर भी शामिल होंगे। तीन वर्ष के अनुभवी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को डेढ़ लाख रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा जबकि एमबीबीएस डॉक्टरों को 85 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। सीएम मनोहर लाल ने इस योजना को फाइनल अप्रूवल भी दे दी गई है और जल्द ही इसे क्रियांवित कर दिया जाएगा।
सोमवार को कैंट सिविल अस्पताल में विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र का उद्घाटन करते समय यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की अस्पतालों में कमी हो महसूस किया जा रहा था और इसे पूरा करने के लिए अब जिला स्तर पर ही कांट्रेक्ट आधार पर डॉक्टरों को भर्ती किया जा सकेगा। जिस जिले में डॉक्टरों की कमी है, वहां पर एक कमेटी का गठन किया जोकि कांट्रेक्ट पर डॉक्टरों की भर्ती करेगी। ऐसा करने से सिविल अस्पताल एवं सीएचसी, पीएचसी आदि में कमी को पूरा किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से प्राइवेट अस्पतालों को छोड़ अब डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे जबकि पहले सरकारी अस्पतालों को छोड़ प्राइवेट अस्पतालों का रुख डॉक्टर करते थे।
340 करोड़ की लागत से चार जिलों में बनेंगे एमसीएच
कैंट सिविल अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड विंग भी भविष्य में स्थापित किया जाएगा। कैंट के अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन अन्य जिलों में एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग) जिनमें पंचकूला, पानीपत व मेवात में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र पर 85 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
सिविल अस्पताल में पहली बार कांट्रेक्ट पर डॉक्टरों की भर्ती होने से कमी को पूरा किया जा सकेगा। कैंट सिविल अस्पताल के गायनी विभाग में डॉक्टर मेडिकल लीव है। विभाग में अन्य डॉक्टरों की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द होगी ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। डाॅ. सूरजभान कम्बोज, सीएमओ, अम्बाला
इधर, प्रसूति विभाग की इकलौती डॉक्टर भी मेडिकल लीव पर
कैंट सिविल अस्पताल में प्रसूति विभाग में अब कोई भी महिला रोग विशेष तैनात नहीं है। डॉक्टरों की कमी के कारण यहां मरीजों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को इकलौती गायनी डाॅ. सुगंधा चोपड़ा भी चार दिनों के लिए मेडिकल लीव पर चली गईं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। उन्हें मजबूरी में सिटी सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। अब सिविल अस्पताल में गायनी विभाग गायनी डॉक्टरों के अभाव में नर्सों के सहारे चल रहा है। सोमवार सुबह अस्पताल में गायनी डॉक्टरों को चेकअप कराने के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें सिटी सिविल अस्पताल भेजा गया जबकि इमरजेंसी के बावजूद किसी भी मरीज को एडमिट न कर सिटी में रेफर किया गया। बता दें कि प्रसूति विभाग पहले दो डॉक्टरों के सहारे था जिसमें डाॅ. हरिप्रिया ने बतौर ईएनटी स्पेशलिस्ट कार्य करने के लिए आवेदन किया था। उनका कहना था कि वह गायनी में कार्य नहीं कर सकती। इस कारण गायनी में इकलौती डाॅ. सुगंधा चोपड़ा पर काफी जिम्मेवारी आ गई थी।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
हरियाणा प्रदेश में 5 जगह कल होगा रिपोलिंग विधानसभा चुनाव:अनुराग अग्रवाल हरियाणा में ईवीएम, वीवीपैट की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय घेरा हर तरफ कैमरे और केंद्रीय बलों के जवान तैनात
चंड़ीगढ़:हरियाणा प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने जा रही हैं:कुमारी शैलजा
हिसार में 68 साल के इतिहास में सबसे कम 54.9% वोटिंग 19 साल बाद इस बार करनाल सीट पर सबसे कम हुआ मतदान, 2014 से 15.54 फीसदी आई गिरावट हरियाणा में कम-ज्यादा वोटिंग से यह स्पष्ट नहीं होता कि सत्ताधारी पार्टी दोबारा सरकार बनाएगी या नहीं अफसर के सामने महिला को पीछे कर युवक ने जबरन डाला वोट इलेक्शन कंट्रोवर्सी रिटोली में बूथ नं. 94 पर सरेआम धक्केशाही पोलिंग अफसर ने सामने खड़े वोटर को कहा-लिस्ट में तो आप मर चुके हो, तीन-तीन आईडी दिखाने पर भी जिंदा नहीं माना 19 वर्ष के इतिहास में राेहतक में सबसे कम 59.94 प्रतिशत हुअा मतदान Turnout high in north Hry, EVMs malfunction