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'ओला, उबर के चलते घट रही है ऑटो सेक्टर में डिमांड'

September 11, 2019 06:29 AM

 

 COURTESY NAV SEP 11

वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण,
[विशेष संवादादता | नई दिल्ली]

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर की जरुरतों को समझती है और उसके अनुसार राहत देने पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस सेक्टर के लिए और उपायों की घोषणा हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में डिमांड घटने के कई अन्य कारण भी हैं। लोग अब ओला, उबर और मेट्रो में यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। इससे भी कारों की बिक्री कम हो रही है।

सीतारमण ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि ऑटोमोबाइल कंपोनेंट के लिए इंडस्ट्री से मिले सुझावों पर विचार किया जा रहा है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की दरों में कटौती की मांग उठाई है। सीतारमण ने कहा कि GST की दरों में बदलाव करने करने का अधिकार सिर्फ GST काउंसिल की हैं। GST काउंसिल ही इस मामले में अंतिम फैसला लेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह सही है कि ऑटो कंपनियों की बिक्री के आंकड़ें अच्छे नहीं हैं। आने वाले समय में इनमें सुधार होगा। मगर सिक्के का एक पहलू यह है कि अब लोग प्राइवेट टैक्सियों और मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि ऑटो सेक्टर के लिए डिमांड कम हो रही है। स्लोडाउन पर उन्होंने कहा कि इकोनोमी को पटरी पर लाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए का खर्च करेगी। प्रोजेक्ट्स की पहचान के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी जिससे उन प्रोजेक्ट्स में निवेश कर कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।

सीतारमण का कहना था कि इकोनॉमी में सुधार के लिए खपत बढ़नी चाहिए। सरकार की तरफ से खर्च से खपत में वृद्धि होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश से रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने देश की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर का बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार की कोशिशें जारी रहेंगी।
'ओला, उबर के चलते घट रही है ऑटो सेक्टर में डिमांड'

 
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