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HARYANA-फसल बीमा योजना के फेर में फंसे किसान : किसानों की खराब हो चुकी फसलों का मुआवजा अटका

September 11, 2019 05:52 AM

COURDTESY DAINIK BHASKAR SEPT 11

3 बीमा कंपनियों ने दबाया 30 हजार किसानों का मुआवजा, सरकार ने लगाया Rs.33 करोड़ जुर्माना
फसल बीमा योजना के फेर में फंसे किसान : किसानों की खराब हो चुकी फसलों का मुआवजा अटका

मनोज कुमार | राजधानी हरियाणा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों का मुआवजा दबाए बैठी तीन कंपनियों के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। इन कंपनियों पर करीब 33 करोड़ रुपए से ज्यादा की पैनल्टी लगाई है। तीन कंपनियों को इसे लेकर कृषि विभाग की ओर से पैनल्टी को लेकर चिट्‌ठी जारी कर दी है। इन कंपनियों ने करीब 30 हजार 892 किसानों का मुआवजा नहीं दिया है। इन्हें सरकार की ओर से अपना हिस्सा जारी करने और सूचना के 15 दिन में किसानों को मुआवजा देना होता है, लेकिन 2018 का पैसा अभी तक किसानों को नहीं मिला है। इन कंपनियों में यूनिवर्सल सोंपु जीआईसी लिमिटेड, सीबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी और ओरिंटल इंश्योरेंस कंपनी शामिल है। इन कंपनियों को लिखा गया है कि इन्होंने 2018-19 के टेंडर के नियमों के अनुसार किसानों को पैसा नहीं दिया है। इन्हें पहले 17 जनवरी को शॉ कोज नोटिस भी दिया गया था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
ओरिएंटल ने 8530 किसानों को नहीं दिया फसल का मुआवजा
ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने 8530 किसानों के मुआवजे के केस नहीं निपटाएं। या यूं कहें इतने किसानों को मुआवजा नहीं दिया। इसलिए उस पर प्रति केस दस हजार रुपए के हिसाब से 8.53 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई है। कुल राशि में कंपनी को 0.5 फीसदी पैसा जागरुकता पर खर्च करना होता है। वह भी नहीं किया। इसलिए नियमानुसार 76.92 लाख रुपए भी कंपनी को सरकार को जमा कराने होंगे। कंपनी पर 12 फीसदी ब्याज समेत 9.79 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है। कंपनी से कहा गया है कि स्टेट शेयर मिलाकर कंपनी के पास खरीफ-2018 और रबी-2018-19 के लिए 108 करोड़ 72 लाख रुपए की डिमांड है। जिसमें 101.97 करोड़ रुपए पहले कंपनी जारी कर चुकी है। अब बैलेंस 6.75 करोड़ रुपए है। लेकिन 9.79 करोड़ रुपए की पैनल्टी लग चुकी है। ऐसे में कंपनी 3.04 करोड़ रुपए जमा कराए।
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर कुल 14.02 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई है। जिसमें 12 हजार 413 केसों की 12.41 करोड़ रुपए की पैनल्टी, ब्याज और प्रचार की राशि शामिल शामिल है। कंपनी ने 12 हजार 413 किसानों का मुआवजा रोका हुआ है। यूनिवर्सल सोंपु जीअाईसी लिमिटेड पर कुल 9.79 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगी है। जिसमें ब्याज व प्रचार की राशि शामिल है। कंपनी पर 12 फीसदी का ब्याज लगाया गया है। कंपनी ने 9949 किसानों को मुआवजा नहीं दिया। कंपनी से कहा गया है कि उनकी डिमांड के अनुसार स्टेट शेयर समेत कुल 66.83 करोड़ रुपए खरीफ और रबी फसल के बनते हैं। जिसमें 43.33 करोड़ रुपए जारी किए गए। कंपनी का बैलेंस 6.08 करोड़ रुपए है। 11.09 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगी है। इसलिए बाकी 5.01 करोड़ रुपए जमा कराया जाए।
यह भी जानें...
कंपनियों को जब टेंडर दिया गया, तभी यह स्पष्ट किया गया था कि यदि 15 दिन में क्लेम नहीं दिया गया तो उन पर प्रति केस 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। बजट का 0.5 फीसदी हिस्सा लोगों को जागरुक करने पर खर्च किया जाना है, लेकिन खर्च का ब्योरा नहीं दिया गया।
यह है योजना
केंद्र सरकार की ओर से जनवरी, 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। किसानों को खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी और रबी की फसल के लिये 1.5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि जिन कंपनियों ने किसानों को मुआवजा नहीं दिया। उन पर पैनल्टी लगाई

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