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HARYANA- पुरानी खेल पॉलिसी के तहत जारी ग्रेड सर्टिफिकेट से नौकरी लगे ग्रुप-डी कर्मचारियों को हटाया जाएगा जींद उपचुनाव से पहले ग्रुप-डी के 18,218 पदों पर हुई थी भर्ती

September 10, 2019 05:50 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR SEPT 10

पुरानी खेल पॉलिसी के तहत जारी ग्रेड सर्टिफिकेट से नौकरी लगे ग्रुप-डी कर्मचारियों को हटाया जाएगा
जींद उपचुनाव से पहले ग्रुप-डी के 18,218 पदों पर हुई थी भर्ती
ऐसे 1518 मामलों की हो रही जांच, पशुपालन व पीडब्ल्यूडी में टर्मिनेशन शुरू, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
मनोज कुमार | राजधानी हरियाणा
जींद उपचुनाव से ठीक पहले की गई ग्रुप-डी के 18,218 पदों की भर्ती में स्पोर्ट्स कोटे से पुरानी खेल पॉलिसी के अनुसार बने ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी लगे युवाओं को बर्खास्त किया जाएगा। बर्खास्तगी की प्रक्रिया कुछ विभागों ने शुरू भी कर दी है। इससे उन युवाओं में हड़कंप मच गया है, जो पुरानी खेल पॉलिसी के अनुसार ग्रेडेशन सर्टिफकेट बनवाकर नौकरी लगे थे। इस समय पशुपालन विभाग और पीडब्ल्यूडी में कइयों को बर्खास्त किया जा चुका है। अन्य महकमों में भी ऐसे युवाओं से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की पुष्टि के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था, जो निकल चुका है। वहीं, 8 माह बाद नौकरी से हटाए जाने पर कई युवा हाईकोर्ट में चले गए हैं। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से पिछले साल भर्ती प्रक्रिया शुरू कर जनवरी में जींद उपचुनाव से पहले ही इन पदों पर जॉइनिंग दी गई थी। शेष | पेज 3 पर
नई पॉलिसी: कम से कम राज्य स्तर का मेडल विजेता होना जरूरी
25 मई 2018 को नई खेल पॉलिसी बनी थी। राज्य स्तर के खेलों के मेडल विजेताओं को ग्रुप-डी के लिए डी-ग्रेड का ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने का प्रावधान किया। इसके अलावा कोई खिलाड़ी नेशनल स्कूल गेम्स, खेलों इंडिया, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, ऑल इंडिया वुमन स्पोर्ट्स, स्टेट गेम्स, स्टेट वुमन स्पोर्ट्स, स्टेट स्कूल, स्टेट रूरल एंड पंचायत और स्टेट इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में मेडल जीतता है या इससे ऊपर लेवल के नेशनल या ओलिंपिक में गेम शामिल होता है तो उसे ग्रुप-डी में नौकरी देने का प्रावधान किया गया। इससे पहले से 1993 की पॉलिसी में जिला स्तर पर मेडल जीतने वाले का भी ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाया जाता था और उसे ग्रुप-डी की नौकरी मिल जाती थी।
580 सर्टिफिकेट ही बने थे तो 1518 को जॉइनिंग क्यों
जब सरकार ने नई पॉलिसी लागू कर दी तो पुरानी पॉलिसी के अनुसार बने ग्रेडेशन सर्टिफिकेट वाले युवाओं को नौकरी क्यों दी गई। खास बात यह भी है कि नई पॉलिसी के अनुसार इस भर्ती तक केवल 580 ग्रेडेशन सर्टिफिकेट ही बने थे। ऐसे में जॉइनिंग के वक्त ही यह देखा जाना चाहिए था कि जब 580 सर्टिफिकेट ही बने हैं तो 1518 की जॉइनिंग कैसे हो रही है।
भर्ती में मांगा था सिर्फ सर्टिफिकेट, नई-पुरानी पॉलिसी का जिक्र नहीं
एचएसएससी ने 26 अगस्त 2018 को ग्रुप-डी के 18,218 पदों के लिए आवेदन मांगे। 1518 पद स्पोर्ट्स कोटे के लिए तय किए। ग्रेडेशन सर्टिफकेट को अनिवार्य बताया, पर नई-पुरानी पॉलिसी का जिक्र नहीं किया। खिलाड़ियों ने लिखित परीक्षा पास करने के बाद सभी दस्तावेज भी जमा कराए, लेकिन किसी ने दस्तावेजों को परखा नहीं। कुछ युवा पुरानी पॉलिसी के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर ऑब्जेक्श जताते हुए हाईकोर्ट चले गए तो चीफ सेक्रेटरी ने सभी के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की जांच के आदेश दे दिए। अब जिला स्तर व स्कूली गेम्स के सर्टिफिकेट अमान्य कर दिए गए।

 
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