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बिजली बिल में गड़बड़ी की हर महीने 3 हजार शिकायतें, पहले रीडिंग गलत ली अब बैकलॉग में नौ गुना तक भेज रहे बिल, जहां ऑन स्पॉट बिलिंग वहां सब ठीक

August 22, 2019 05:49 AM


COURTESY DAINIK BHASKAR AUG 22



बिजली बिल में गड़बड़ी की हर महीने 3 हजार शिकायतें, पहले रीडिंग गलत ली अब बैकलॉग में नौ गुना तक भेज रहे बिल, जहां ऑन स्पॉट बिलिंग वहां सब ठीक
बिलों का करंट... 9 सब डिविजनों के एसडीओ से लेकर सीजीआरएफ तक पहुंचने वाली सबसे ज्यादा शिकायतें बिलों में गलतियों की

प्रेमनगर के राकेश कुमार का 9 किलोवाट का कनेक्शन है। उनका आमतौर पर सात-साढ़े हजार रुपए बिल आता था। जुलाई में 64 हजार रुपए का बिल आया। एसडीओ से एसई ऑफिस तक चक्कर काटे। उन्हें यह बताया गया कि उनके पुराने बिलों में गलत रीडिंग थी। इस वजह से अब एक साथ पुरानी रीडिंग का बिल भेज दिया गया है। राकेश अकेले ऐसे उपभोक्ता नहीं हैं, जिन्हें ऐसा करंट लगा रहा बल्कि जिले के 9 बिजली सब डिविजनों में हर महीने ऐसी औसतन 3 हजार शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें गलत रीडिंग, बैकलॉग और बिल न पहुंचने की शिकायतें ज्यादा हैं। शिकायतों की इतनी संख्या को देखते हुए भास्कर ने पूरे रीडिंग व बिलिंग सिस्टम की ग्राउंड रियल्टी चेक की। सामने आया कि बिल गलत आने से भी ज्यादा शिकायतें इस बात की हैं कि बिल ठीक नहीं होते। कई मामलों में तो 7 महीने से सुनवाई नहीं हुई। बहुत से मामले तो कंज्यूमर ग्रीवांस रिड्रेसल फोरम (सीजीआरएफ) तक पहुंचें हैं।
भास्कर पड़ताल : बिलों में गलतियों से बड़ी चुनौती उसे ठीक कराने की, समाधान की कोई समय सीमा तय नहीं, जिनकी गलती उनकी जवाबदेही नहीं
ढाई लाख मीटरों की रीडिंग के लिए 90 कर्मी, जवाबदेही नहीं
बिजली निगम ने वर्ष 2017 से गुरुग्राम की एक कंपनी को मीटर रीडिंग लेने और बिल बांटने का ठेका दे रखा है। यह टेंडर मार्च 2020 तक है। 6 बार में साइकल के हिसाब से बिल बनता है। जिले में कुल 2.55 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। रीडिंग लेने व बिल बांटने का काम कंपनी के 90 कर्मियों के भरोसे है। ट्रेंड स्टाफ की कमी और गलती होने पर जवाबदेही फिक्स न होने की वजह से गलत रीडिंग की ज्यादा शिकायतें हैं।
पंचकूला भेजा जाता है बिल
अर्बन एरिया क्षेत्र में अगर किसी कंज्यूमर के मीटर की रीडिंग गलत या बिल गलत आता है ताे वह एसडीओ के पास शिकायत करता है। एसडीओ कंपनी कर्मियों के भेजता है। कंपनी कर्मचारी को भेजकर मीटर की फोटो खिंचवाते हैं। अगर रीडिंग गलत है ताे पंचकूला में बिल को जांच के लिए भेजते हैं। बिल कितने दिन में ठीक होना है, इसकी कोई समय अवधि तय नहीं है। ईस्ट व वेस्ट सब डिवीजन, मॉडल टाउन, कैंट के डिविजन 1 व 2 ऑन स्पॉट बिलिंग शुरू की गई है। यहां बिल की शिकायतें कम हैं।
सीजीअारएफ मीटिंग में एसई के समक्ष शिकायतें रखते उपभोक्ता।
गलत बिल आने की 3 बड़ी वजह
1. रीडिंग लेने पहुंचे ही नहीं, अंदाजे से भर देना।
2. ट्रेंड स्टाफ न होने से रीडिंग लेने में गलती कर दी।
3. जब सही रीडिंग ली तो यूनिटों का बैकलॉग हो गया।
बिल ठीक कराने जाओ तो 3 दिलासे
1. ये भर दो अगला बिल ठीक आ जाएगा।
2. बिल ज्यादा लग रहा है तो किस्तें कर देते हैं।
3. पिछले कर्मियों ने रीडिंग ठीक नहीं ली, अब सही हुई है।
: जिले में कुल घरेलू बिजली उपभोक्ता: 2.55 लाख
: 2 साल में बिल में दिक्कत की शिकायतें: 60,000
(जब प्राइवेट रीडिंग शुरू हुई थी, तब बहुत ज्यादा शिकायतें थी। निपटाने के लिए सब डिविजन पर दरबार लगाने पड़े थे।)
3 मामलों से समझें कैसे भुगत रहे कंज्यूमर
1. टैगोर गार्डन के महेशइंद्र ने सीजीआरएफ बैठक में शिकायत दी थी कि पहले मीटर घर के अंदर लगा था। अब बाहर खंभे पर लगा दिया गया है।अप्रैल माह से मीटर रीडिंग नहीं ली जा रही। वह खुद मीटर की फोटो खींचकर लेकर बिल बनवाकर भरते हैं। उन्हें बिजली बिल भी नहीं मिलता।
2 . आशा सिंह गार्डन के माेहिंद्र कुमार ने शिकायत में बताया कि उनके घर के मीटर की रीडिंग हर बार नहीं ली जाती। एक बार में रीडिंग लेकर उन्हें एवरेज बिल दिया जा रहा है। उनके मीटर की रीडिंग स्लैब के अनुसार ली जाए ताकि उन्हें सब्सिडी भी मिल सके।
3. पीकेआर जैन पब्लिक स्कूल में इंग्लिश टीचर बलविंद्र सिंह ने बताया कि सितंबर 2018 में नई अनाज मंडी में किराएदार आए थे। पहले जाे किराएदार थे, उनके साथ पार्टनरशिप में उन्होंने 1280 रुपए बिल क्लियर कर दिया था। दिसंबर में बैकलॉग 4780 यूनिट का 38 हजार रुपए बिल भेज दिया। अब तक कई बार शिकायतें की, हर बार फाइल को गुमा दी गई।
कंज्यूमर को 3 तरह से चपत
1. पुरानी रीडिंग का बिल एक साथ भेजने से स्लैब पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाता।
2. बिल ठीक कराने के लिए एसडीओ से लेकर एसई तक चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार 10 दिन तक लग जाते हैं।
3. ज्यादा बिल आने पर डिफॉल्टर हुए तो कनेक्शन कटने का खतरा और फिर रि-कनेक्शन का खर्च पड़ता है।
सीधी बात: आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम
: बिल रीडिंग में काफी गलतियां आ रही हैं। बिल भी कई जगह नहीं मिलते। इस पर क्या कार्रवाई होती है?
: कंपनी को कई बार हिदायत दी गई है। अब तय किया है कि कंपनी प्रतिनिधि को मीटर रीडिंग की फोटो अपलोड करनी होगी।
: इस तरह की गलतियां करने पर क्या कंपनी पर पेनल्टी का प्रावधान है?
: निगम ने कंपनी पर पेनल्टी लगाई है। सब डिविजन स्तर समस्याओं को सुलझाया जाएगा।
एक्स सर्विसमैन लीग गलत रीडिंग लेने पर काटते थे सैलरी : जाखड़
2005 से 2010 तक लीग ने पूर्व सैनिकाें को रीडिंग लेने, बिल बांटने और कैश काउंटर पर लगाया था। बाकायदा सीरियल वाइस रजिस्ट्रर बना लिए थे। सिस्टम इतना बेहतर बना दिया था कि चार दिन की रीडिंग दाे दिन में ले लेते थे। अगर गलत बिल आ भी जाता था ताे उस कर्मचारी की सैलरी में से पैसे काटते थे। कर्नल (रि.) महावीर सिंह जाखड़, संस्थापक अध्यक्ष, हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग

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