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Haryana

HARYANA-फसल बीमा में 9000 किसानों के खातों मंे मिली गड़बड़ी, 6300 केस पेंडिंग, बैंकों ने 1000 और बीमा कंपनियों ने 5300 गलत एंट्रियां कीं, कंपनियों पर Rs.33 करोड़ का जुर्माना

August 14, 2019 05:58 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR AUG 14

फसल बीमा में 9000 किसानों के खातों मंे मिली गड़बड़ी, 6300 केस पेंडिंग, बैंकों ने 1000 और बीमा कंपनियों ने 5300 गलत एंट्रियां कीं, कंपनियों पर Rs.33 करोड़ का जुर्माना

सुशील भार्गव | राजधानी हरियाणा
फसल बीमा के केसों का निपटारा अभी भी नहीं हो पाया है। रबी 2017-18 के करीब 9000 केस ग्रीवांस में आए थे। इनमें से अभी भी 6300 केस पेंडिंग हैं। इन केसों को रिव्यू के लिए जिला लेवल की मॉनीटरिंग कमेटियों के पास भेजा गया है।
कमेटियों को 15 दिन का समय दिया गया है, ताकि इन केसों का जल्द निपटारा हो। जबकि कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों पर करीब 33 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगा दी है। इनमें एक कंपनी पर 9.79 करोड़, दूसरे पर 14.04 करोड़ व तीसरी कंपनी पर करीब नौ करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई है। ताकि जिन किसानों की फसल बीमा की राशि पेंडिंग है, उनको राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जा सके। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि इन केसों का जल्द निपटारा करे। नहीं तो केसों की संख्या और बढ़ सकती है। किसान प्रीमियम देते हैं और इसके बावजूद भी उन्हें समय पर फसल बीमा की राशि उपलब्ध नहीं हो पाती।
अब जिला स्तर की कमेटियों के पास भेजे किसानों के लटके केस
सबसे ज्यादा निगदू में 200 केसों में गड़बड़ी
कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो करीब 1000 ऐसे केस हैं, जिनमें बैंकों के लेवल पर गड़बड़ी हुई हैं। इनमें करनाल जिले के निगदू के एक बैंक में करीब 200 गड़बड़ी मिली हैं। ये गड़बड़ी एड्रेस या नामों की है। कई बैंकों ने गलत इंश्योरेंस प्रीमियम लिखा है। किसान की डिटेल भी कई बैंकों ने गलत एंटर की है। कृषि विभाग ने साफतौर पर कहा है कि इन केसों का निपटारा जल्द हो, जिनमें बैंक लेवल पर गड़बड़ी हुई है, उसके लिए बैंक जिम्मेदार होंगे।
5300 केसों का बीमा दें कंपनी : हरियाणा के 5300 ऐसे किसानों का फसल बीमा कंपनियों को अदा करना होगा, जिनमें कंपनी लेवल पर गड़बड़ी हुई हैं। बीमा कंपनी को आदेश दिया गया है कि किसानों का क्लेम जल्द से जल्द दिया जाए। ऐसे में यदि क्लेम नहीं दिया जाता तो संबंधित बीमा कंपनी की प्रॉपर्टी भी जब्त की जा सकती है।
9000 केसों में दिक्कत
कृषि विभाग के अनुसार करीब 9000 केस ग्रीवांस में आए थे। ये ऐसे केस हैं, जिनमें किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिल रही। यह केस पहले जिला लेवल कमेटी के पास गए, फिर स्टेट मुख्यालय में अाए। जहां इन पर स्टडी की गई। फिर संबंधित कंपनी व बैंकों को इस बाबत नोटिस जारी किए गए। इनमें से करीब 2700 केसों का निपटारा कर दिया गया है। जबकि 6300 बाकी हैं। इनमें से 1000 बैंकों व 5300 बीमा कंपनियों से संबंधित केस हैं।
535 करोड़ प्रीमियम देकर मिले 1933 करोड़ रुपए
हरियाणा में करीब 30 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। 16.17 लाख किसान परिवार खेती से जुड़े हुए हैं। आठ लाख, 41 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया था। कुल 1399 करोड़ में से किसानों ने 535 करोड़ रुपए प्रीमियम दिया था, शेष प्रीमियम की राशि हरियाणा सरकार की ओर से वहन की गई।
ब्लाॅक स्तर पर अधिकारी हो नियुक्त: भाकियू
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि किसानों को दिक्कत है तो वह कहां शिकायत करे। ब्लाक लेवल पर अधिकारी नियुक्त होना चाहिए। चंडीगढ़ के चक्कर काटकर किसान परेशान हो रहे हैं।
फसल बीमा के रबी 2017-18 के केस लटके
9 हजार शिकायतों में से 27 का निपटाया हो चुका
9000 किसानों की शिकायत आई थी। बीमा कंपनियों पर करीब 33 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। अभी 6300 केस पेंडिंग हैं। अब जिला स्तर की कमेटी के पास केस भेजे गए हैं। 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। अजीत बाला जोशी, महानिदेशक कृषि विभा

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