Saturday, July 04, 2020
Follow us on
BREAKING NEWS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की भाजपा द्वारा किए गए सेवा कार्यों की समीक्षाप्रदेश में वर्ष 2024 तक 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे:रणजीत सिंह,विधुत मंत्रीप्रदेश भर जेलों के सुप्रिडेंट को लेकर किया गया बड़ा बदलाव,जेल सुपरिटेंडेंट की तबादला सूची हुई जारीबर्खास्त पीटीआई अध्यापकों को कानून बना बहाल करे खट्टर सरकार - रणदीपकानपुर: चौबेपुर के SHO विनय तिवारी सस्पेंड, विकास दुबे से मिलीभगत का आरोपदिल्ली: कोरोनिल के खिलाफ दर्ज शिकायत पर पटियाला हाउस कोर्ट ने बसंत विहार के SHO को जारी किया नोटिसमध्य प्रदेशः BJP विधायक रामेश्वर शर्मा होंगे विधानसभा के प्रोटेम स्पीकरभाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे संवाद
Delhi

रणदीप सिंह सुरजेवाला, मीडिया प्रभारी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा निम्नलिखित वक्तव्य जारी किया गया

August 13, 2019 06:58 PM

दिल्ली के तुगलकाबाद में प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रविदास मंदिर को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गिराना एक जघन्य अपराध है और इससे संत रविदास के करोड़ों शिष्यों और श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान हुआ है। हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार दिल्ली के प्राचीन रविदास मंदिर का दोबारा निर्माण करवाए।

संत रविदास की याद में बना यह मंदिर जिस रोड पर स्थित है उसका नामकरण भी संत रविदास ने नाम पर किया गया था। किवदंती के अनुसार जब संत रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने 1509 में इस स्थान पर आराम किया था। यहां पर एक बावड़ी भी बनवाई गई थी जो आज भी मौजूद है। कहा जाता है कि स्वयं सिकंदर लोदी ने संत रविदास से नामदान लेने के बाद उन्हें यहां जमीन दान की थी जिस पर यह मंदिर बना था। आजाद भारत में 1954 में इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण हुआ था।

वर्षों पुरानी इस धरोहर को बचाने के लिए केन्द्र कि भाजपा सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए, जिससे उनका दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर साफ उजागर हो गया है। सारे घटनाक्रम से लगता है कि रविदास समुदाय और दलित समुदाय को नीचा दिखाना भारतीय जनता पार्टी की नीति है। कभी वे एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करते हैं, कभी दलितों पर अत्याचार करते हैं, कभी आरक्षण ख़त्म करने की बात करते हैं और अब गुरू रविदास के मंदिर पर हमला बोल दिया।

ऐसे प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर को गिराना जघ्न्य अपराध है तथा सरकार यदि चाहती तो रास्ता निकाला जा सकता था या सरकार अदालत में रिव्यू दायर कर सकती थी। लेकिन लगता है रविदास समाज और दलित समाज का अपमान करना, उन्हें नीचा दिखाना, भाजपा का तौर तरीका बन गया है। यह पूरी प्रक्रिया अशोभनीय और शर्मनाक है। सरकार द्वारा गिराए गए प्राचीन रविदास मंदिर को दोबारा बनाया जाए और अदालत से जो आदेश लेने हैं, वे लिए जाएं।

संसद में सरकार द्वारा दिए आधिकारिक जवाब से खुलासा हुआ है कि भारत सरकार में 89 सचिवों में केवल एक अनुसूचित वर्ग से है जबकि पिछड़ा वर्ग से कोई भी नहीं है, जो बेहद आपत्तिजनक है। इस खुलासे से साफ़ है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की आधी आबादी दलित व पिछड़ों पर भरोसा नहीं करते और उनसे भेदभाव व अनदेखी अब भाजपा का रास्ता बन गया है। वे दलितो व पिछड़ों के विकास पर निरंतर आघात कर रहे हैं और प्रशासन चलाने में भी उनका साथ नहीं चाहते।

Have something to say? Post your comment
More Delhi News
दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने महसूस किए भूकंप के तेज झटके दिल्ली: YSRCP के सांसदों ने की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात दिल्ली में 3 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन क्लास, 12वीं तक के बच्चों के लिए प्लान तैयार: मनीष सिसोदिया दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कोरोना पर गृह मंत्रालय की बैठक जारी दिल्ली: सीएम केजरीवाल ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लोगों से की प्लाज्मा डोनेट करने की अपील देश में कोरोना केस 600000 के पार, दिल्ली में 90 हजार के करीब संक्रमित अब तक दिल्ली में 15,000 बेड की व्यवस्था की: सीएम केजरीवाल दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर संजीव कुमार यादव का कोरोना से निधन Things were tough in early June, now there is stability’ St Stephen’s may scrap written test, hold web interviews