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Haryana

मंच पर तारीफ करते रह गए हुड्डा, दुष्यंत ने BSP से बात बढ़ा ली धरे रह गए हुड्डा के अरमान

August 13, 2019 06:19 AM

COURTESY NBT AUG 13

मंच पर तारीफ करते रह गए हुड्डा, दुष्यंत ने BSP से बात बढ़ा ली


धरे रह गए हुड्डा के अरमान
बीएसपी और जेजेपी के गठबंधन पर सोमवार को प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिस तरह से यूपी में महागठबंधन का बुरा हाल हुआ था, वैसी ही दुर्गति इस गठबंधन की हरियाणा में होगी। वह कार्यकर्ताओं से डूमरखां कलां गांव में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस बात को जानती है कि उनका भला के वह बीजेपी ही कर सकती है। प्रदेश में बीजेपी का विधानसभा चुनाव में किसी से मुकाबला नहीं है।
यूपी जैसी दुर्गति होगी यहां गठबंधन की : बीरेंद्र सिंह
हरियाणा की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी की राजनीतिक विश्वसनीयता हमेशा से ही सवालों के घेरे में रही है। हरियाणा में बीएसपी ने 1998 में इंडियन नैशनल लोकदल के साथ गठबंधन किया था। 2009 में कुलदीप बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। इनैलो ,कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व वाली हरियाणा जनहित कांग्रेस से लेकर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी तक सभी दलों से गठबंधन को लेकर बीएसपी की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में रहे हैं। बीएसपी ने वर्ष 2018 में अभय चौटाला के नेतृत्व वाली इनैलो के साथ गठबंधन किया था। जींद उपचुनाव दोनों दलों ने एक साथ लड़ा और जींद में इनैलो के खराब प्रदर्शन के बाद बीएसपी ने गठबंधन तोड़ लिया। इसके बाद फरवरी 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए बीएसपी ने लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के साथ गठबंधन किया। इस चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी सात लोकसभा सीटों पर तीसरे स्थान पर रहे। लोकसभा चुनाव होते ही बीएसपी ने सैनी के साथ भी गठबंधन तोड़ लिया।


बीएसपी ने बार-बार पाला बदला है


अपनी ही पार्टी में आर-पार की जंग लड़ रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के अरमानों पर भी जेजेपी-बीएसपी गठबंधन के बाद पानी फिर गया। प्रदेश में चर्चा भी जोरों पर थी कि 18 अगस्त को भूपेंद्र हुड्डा रोहतक में आयोजित होने वाली अपनी रैली में नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं और बीएसपी से गठबंधन कर सकते हैं। मगर जेजेपी-बीएसपी का समझौता होने के बाद इन सभी चर्चाओं पर विराम लग गया है।

• जेजेपी का बीएसपी

से गठबंधन कर एक तीर से साधे कई निशाने• भूपेंद्र हुड्डा की मंशा थी मायावती की पार्टी से गठबंधन करने की• ओपी चौटाला की पार्टी भी राज्य में गठबंधन की रेस में पिछड़ी
दुष्यंत का दांव• सुरेन्द्र कुमार, जींद

 

दुष्यंत चौटाला ने अपनी पार्टी जेजेपी का बीएसपी के साथ गठबंधन करके एक तीर से तीन निशाने लगाए। इनैलो से टूट कर अलग हुई उनकी पार्टी ने अब दिग्गज ओम प्रकाश चौटाला और अभय चौटाला को विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन करने में पछाड़ा। वहीं पिछले कई दिनों से बीएसपी पर डोरे डाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी करारा झटका दे दिया। जेजेपी-बीएसपी का यह गठबंधन मिशन 75 प्लस में जुटी बीजेपी की राह में भी बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है।

अब नहीं कमजोर

बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान मायावती की पार्टी की तारीफ कर रहे थे। माना जा रहा कि इससे राज्य में बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन की राह मजबूत होगी। लेकिन दुष्यंत चौटाला ने हुड्डा के उलट मंच पर नहीं, अंदरखाने में बात बढ़ाई और गठबंधन के लिए बहनजी को मना लिया। जेजेपी और बीएसपी का गठबंधन पूरी तरह से सोशल इंजीनियरिंग का परिणाम है। अब तक अलग-अलग जेजेपी और बीएसपी राज्य में कमजोर पार्टियां नजर आ रही थीं। लेकिन गठबंधन के बाद इन्हें दूसरों का समीकरण बिगाड़ने वाली इकाई के रूप में देखा जा रहा है।

बागियों की पहली पसंद

नए सूरतेहाल में कांग्रेस और बीजेपी से बगावत करने वाले टिकटार्थियों के लिए जेजेपी और बीएसपी का गठबंधन पहला विकल्प हो सकता है। इससे गठबंधन की ताकत में इजाफा होगा। अपने कोर वोट बैंक के अलावा बागियों की आमद से गठबंधन कई सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित होगा।

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