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HARYANA-क्या एस.पी. कर सकता हैं ज़िले के भीतर पुलिस कर्मियों का तबादला ?

July 20, 2019 07:40 AM

क्या एस.पी. कर सकता हैं ज़िले के भीतर पुलिस कर्मियों का तबादला ?
चंडीगढ़ - इस वर्ष 10 जनवरी से प्रदेश में हरियाणा पुलिस (संशोधन) अधिनियम, 2018 लागू हो गया. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि इसके द्वारा हरियाणा पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 34 में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया है कि राज्य की पुलिस रेंजो के भीतर पुलिस विभाग के अधीनस्थ रैंक के कर्मियों की तैनाती/तबादले सम्बन्धी फैसले सम्बंधित रेंज के आई.जी. (पुलिस महानिरीक्षक) और ज़िलों के भीतर ऐसे तैनाती/तबादले बाबत निर्णय सम्बंधित ज़िले के एस.पी (पुलिस अधीक्षक) द्वारा लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस कानून के प्रावधानों के अनुसार अधीनस्थ रैंक का अर्थ ए.एस.पी. और डी.एस.पी. स्तर से नीचे के पुलिस कर्मी होते हैं अर्थात पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल सभी इसी श्रेणी में शामिल हैं. हालांकि हेमंत ने बताया कि संशोधित कानून के अनुसार ज़िलों के एस.पी. को उक्त शक्ति अपने-अपने पुलिस ज़िलों के सम्बन्ध में दी गयी है जबकि आज तक हरियाणा में सभी ज़िलों को, जिन्हे सामान्य तौर पर राजस्व जिला माना जाता है, को औपचारिक एवं आधिकारिक रूप पुलिस जिला घोषित करने बाबत कोई अधिसूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई. अत: उन्होंने इस सम्बन्ध में इसी जनवरी माह में एक आर.टी.आई. याचिका प्रदेश के गृह विभाग में दायर कर उक्त अधिसूचना की सूचना देने की मांग की जिसे सम्बंधित विभाग ने राज्य के डी.जी.पी. कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया. इसके कुछ सप्ताह बाद हेमंत को डी.जी.पी. कार्यालय ने जो दस्तावेज प्राप्त हुए उनके अनुसार प्रदेश में गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला, जहाँ पर पुलिस कमिश्नर व्यवस्था व्याप्त है, वहां तो इनके भीतर कुछ पुलिस ज़िले घोषित किये गए हैं परन्तु प्रदेश के अम्बाला सहित बाकी 19 ज़िलों को आज तक पुलिस जिला घोषित करने बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं प्रदान की गई. हेमंत ने बताया की जहाँ तक अम्बाला का प्रश्न है, तो 9 अगस्त, 2011 को जब अम्बाला और पंचकूला ज़िले को मिलाकर संयुक्त पुलिस कमिशनेरेट बनाया गया था, तो अम्बाला एवं पंचकूला दोनों राजस्व ज़िलों को उस अधिसूचना में पुलिस जिला घोषित किया गया था परन्तु 18 अक्टूबर, 2016 में जब इसमें से अम्बाला ज़िले को बाहर निकालकर इसे पुन: राजस्व जिला घोषित कर दिया गया, जब यहाँ पर फिर से पुरानी एस.पी. व्यवस्था लागू कर दी गयी. बहरहाल, हेमंत ने इस सम्बन्ध में गत माह जून में हरियाणा के राज्यपाल को एक याचिका भेजी जिसको हरियाणा राजभवन ने प्रदेश के गृह विभाग को उचित कार्यवाही हेतु भेज दिया है एवं यह अब राज्य सरकार के पास विचाराधीन है. उन्होंने याचिका में मांग की है की या तो प्रदेश के हर ज़िले को पुलिस जिला घोषित किया जाए अथवा हरियाणा पुलिस एक्ट, 2007 की धारा 34 में पुन: संशोधन कर प्रदेश के हर ज़िले के एस.पी. को पुलिस कर्मियों की तैनाती/तबादले की शक्ति पुलिस ज़िलों के स्थान पर अपने अपने सम्बंधित राजस्व ज़िले में भी प्रदान की जाए.

 
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