Monday, August 26, 2019
Follow us on
 
Haryana

HARYANA-दल-बदल विधायकों का मामला चारों विधायकों के जवाब में 'ही' और 'सी' का ही ज्यादा फर्क, सभी ने एक जैसे ही दिए जवाब

July 20, 2019 05:59 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JULY 20
दल-बदल विधायकों का मामला
चारों विधायकों के जवाब में 'ही' और 'सी' का ही ज्यादा फर्क, सभी ने एक जैसे ही दिए जवाब
शिकायतकर्ता दौलतपुरिया पाला बदलकर जा चुके भाजपा में, इनेलो दर्ज करवा सकता है नई शिकायत
मनोज कुमार | राजधानी हरियाणा
विधानसभा स्पीकर की ओर से भेजे गए नोटिस का इनेलो के चारों बागी विधायकों की ओर से भेजे गए जवाब से विधानसभा का स्टाफ भी हैरान है। जवाब 65 से 70 पेज में आया है, जिसे पढ़ने में ही मशक्कत करनी पड़ रही है। जवाब में करीब 33-33 पेज तो नोटिस में पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए हैं, जबकि बाकी पेज कोर्ट, अन्य विधानसभाओं के मामलों में लिए गए फैसलों के रेफरेंस के लगाए गए हैं।
खास बात यह भी है कि विधायक नैना चौटाला, पिरथी नंबरदार, अनूप धानक और राजदीप फौगाट की ओर से दिए गए जवाब में ज्यादा फर्क नहीं है। अंग्रेजी में होने से ज्यादातर जगह केवल 'ही' और 'सी' अक्सर ही बदले गए हैं। इधर, शिकायकर्ता फतेहाबाद के तत्कालीन विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के भाजपा में शामिल होने पर वे अपने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। अब इनेलो ने भी इन चारों विधायकों के खिलाफ नई शिकायत देने की तैयारी कर ली है, क्योंकि दौलतपुरिया अब विधानसभा के सदस्य नहीं है। साथ इनेलो भी छोड़ चुके हैं। इसलिए इनेलो की ओर से इन विधायकों के खिलाफ अपनी शिकायत जारी रखने के लिए पार्टी नेतृत्व किसी दूसरे विधायक से भी शिकायत दर्ज करा सकता है।
नैना समेत इनेलो के चारों बागी विधायकों ने 65 से 70 पेज में स्पीकर को भेजे नोटिस के जवाब, कहा- शिकायत मार्च में हुई, जजपा अप्रैल में अस्तित्व में आई, ऐसे में कैसे कर सकते हैं समर्थन
विधानसभा स्पीकर को भेजे जवाब के 65 पेजों में करीब 33 पेज में जवाब, बाकी अलग-अलग केसों के रेफरेंस के लिख डाले
बागी विधायकों के तर्क भी अजीब : केवल दुष्यंत का समर्थन किया, किसी मंच से नहीं कही इनेलो को छोड़ने की बात
चारों विधायकों की ओर से दिए गए जवाब में तर्क भी अजीब हैं। बागी विधायकों ने कहा कि जन नायक जनता पार्टी का रजिस्ट्रेशन का दिया गया है। विधायकों ने कहा कि उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधि करते हुए जिस जजपा का समर्थन करने का आरोप लगाया है, वह गलत है, क्योंकि शिकायत 3 मार्च को की गई, जबकि जजपा का अस्तित्व ही अप्रैल के पहले सप्ताह में आया था। उसका रजिस्ट्रेशन अप्रैल में हुआ। ऐसे में वे जजपा का समर्थन कैसे कर सकते हैं। यह भी तर्क दिया है कि उन्होंने केवल दुष्यंत का समर्थन किया है। किसी स्टेज पर इनेलो छोड़ने की बात नहीं की। बता दें कि गोहाना रैली में पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के सामने हुई हूटिंग के बाद दुष्यंत और अभय के बीच दरार आ गई थी, जो लगातार बढ़ती चली गई।
दौलपुरिया को भी जाएगी इनके जवाब की कॉपी
सूत्रों का कहना है कि विधानसभा की ओर से आरोपी विधायकों की ओर से दिए गए जवाब की कॉपी शिकायतकर्ता पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को भी भेजी जाएगी। इधर, दौलतपुरिया पहले ही कह चुके हैं कि वे अपनी शिकायत पर कायम है और विधानसभा स्पीकर बुलाते हैं तो वे अवश्य अपना पक्ष रखने जाएंगे।
यह है मामला : दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला दोनों भाइयों को इनेलो से बाहर किया गया। इस पर इन्होंने अपनी नई जजपा बनाई। उक्त चारों विधायकों पर आरोप लगा कि ये इनका पक्ष लेते हुए जजपा के मंचों पर जा रहे हैं। जबकि इन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में विधानसभा स्पीकर से शिकायत की गई कि इनकी सदस्यता रद्द की जाए। इसके बाद इन चारों विधायकों को नोटिस जारी हुए। इसके बाद टाइम भी बढ़ाया गया था

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
CM खट्टर की यात्रा के दौरान ग्रामीण ने की आत्मदाह की कोशिश, हालत गंभीर लड़की की वापसी नहीं हुई तो 29 अगस्त को सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा का बहिष्कार फैसला : अलग धर्म के युवक-युवती की शादी मामले में हुई महापंचायत,कई प्रदेशों के लोग शामिल, किया ऐलान तंवर ने खनन का ओवरलोड टिपर पकड़ा- अच्छा किया फोटो खिंचवाई और जाने दिया- बस राजनीति की KARNAL-जिले में 300 शराब ठेकों के विरोध में 37 पंचायतें, सीएम से मिलकर विरोध जताने का किया ऐलान Disabled persons’ assn to field own candidates Flats delayed, buyers seek takeover of Gurgaon project Say Developer Collected ₹35cr As EDC, But Deposited ₹11.5cr Hisar village sets up Rs5,100 award for women who take good care of in-laws
जन्माष्टमी मे विशेष अतिथि बने राजीव ड़िंपल
हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड में 39 बड़े नेता बदल चुके हैं दल इन तीन राज्यों में चुनाव करीब, लेकिन वहां चल क्या रहा है? Former CM Hooda reiterates his newfound rebel image