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Haryana

HR HEALTH MINISTER:शिकायत पढ़कै आयो हो क्या, पता नहीं था मीटिंग मंत्री लेने आ रहा है, ऐसा वैसा मंत्री समझ रखा है मेरे को

July 13, 2019 06:14 AM


COURTESY DAINIK BHASKAR JULY 13

विज: शिकायत पढ़कै आयो हो क्या, पता नहीं था मीटिंग मंत्री लेने आ रहा है, ऐसा वैसा मंत्री समझ रखा है मेरे को
ग्रीवांस मीटिंग : मंत्री विज ने एफआईआर में 24 दिन की देरी करने पर ईएसआई भागीरथ व मारपीट मामले में कार्रवाई न करने पर कलायत थाना प्रभारी को किया सस्पेंड

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज पूरे एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने सबसे पहले पुलिस विभाग के खिलाफ किठाना निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने में 24 दिन विलंब करने पर जांच अधिकारी ईएसआई भागीरथ तथा सजूमा निवासी तरसेम के साथ हुई मारपीट मामले में कार्रवाई न करने पर कलायत थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
उन्होंने सभी तथ्यों की जानकारी के लिए कैथल एसडीएम के नेतृत्व में डीएसपी विनोद शंकर व मनोनीत सदस्य सुरेश राविश की 3 सदस्यीय कमेटी गठित कर सभी पहलुओं की जांच करके अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में एजेंडे में शामिल 14 शिकायतों में से 8 का विज ने मौके पर निपटारा कर दिया तथा शेष 6 शिकायतों को पेंडिंग रखते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
मेरी गाड़ी में बैकगियर नहीं...सस्पेंड के आदेश के बाद इंस्पेक्टर अनूप सिंह जब मंत्री से रिक्वेस्ट करने लगे तो विज बोले-मेरी गाड़ी में बैकगियर नहीं है। (फोटो : जसविंदर जस्सी
एजेंडे में शामिल 14 शिकायतों में से 8 मौके पर निपटाए, 6 को पेंडिंग रख संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री अनिल विज और कलायत थाना प्रभारी के बीच लाइव संवाद
केस -1
मंत्री:नौकरी करने के काबिल हो‌? कितने साल की नौकरी है,
इंस्पेक्टर: सर 10 साल की है। मारपीट मामले की शिकायत नहीं मिली सर।
मंत्री: ऐसे ही करते हो नौकरी। बदमाशों का साथ दोगे, बदमाशों से डरते हो क्या?
इंस्पेक्टर: नहीं सर।
मंत्री: मुझे ये बताओ आपने एफआईआर दर्ज की या नहीं। गरीब आदमी को ऐसे मरने दोगे क्या?
इंस्पेक्टर: सर एमएलआर नहीं आई।
मंत्री: ये कह रहे एमएलआर पुलिस ने फाड़ दी।
इंस्पेक्टर: सर मेरे पास एमएलआर का रुक्का नहीं आया। 2007 का मामला है।
मंत्री: फिर क्या हुआ 2007 में नकली सरकार थी और अब असली है। इस सरकार में इंसाफ मिलता है।
इंस्पेक्टर: सर मेरे पास 2007 की कोई मारपीट की शिकायत नहीं आई, न ही एलएलआर।
मंत्री: तेरे को वीडियो दिखाएगा कि मार भी खाई थी? ये पढ़कै आयो हो क्या ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग है, मंत्री लेने आ रहा है, ऐसा वैसा मंत्री समझ रखा है मेरे को?
इंस्पेक्टर: सर में किसी काम में डिले नहीं करता।
एसपी रिक्वेस्ट करने लगे तो विज बोले: क्यों नहीं पढ़ा इसको। मैं पढ़ा लिखा मंत्री हूं।
केस दो: किठाना निवासी प्रदीप पर जानलेवा हमला करने का मामला-
मंत्री: एफआईआर दर्ज करने में 24 दिन की देरी क्यों की। डीएसपी साहब क्यों नहीं एफआईआर दर्ज की?
डीएसपी:सर सबूत नहीं मिले थे। जांच अधिकारी ईएसआई भागीरथ ने जांच की है और कोई एक्सरे रिपोर्ट नहीं मिली।
बीच में एक सब इंस्पेक्टर बताने लगे तो विज बोले... मुझे 40 साल हो गए हैं इन्हीं पचड़ों में पड़कर। मुझे कानून मत पढ़ाओ।
मंत्री: उसे गोली तो लगी है तो फिर किसने मारी गोली, यह पता करने की ड्यूटी तो पुलिस की होगी। जब एमएलआर कट गई और रुक्का आ गया तो क्या सबूत की जरूरत रह गई। जांच अधिकारी ईएसआई भागीरथ को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
थाना प्रभारी का जवाब: सर मैं कोई काम में डिले नहीं करता, मेरे पास एमएलआर का रुक्का नहीं आया
कैथल में अंधेरगर्दी है...
शिकायत नंबर तीन राजेंद्र वासी वार्ड पांच कलायत की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि कैथल में इतनी अंधेरगर्दी, जो शिकायत कर रहा है उसे ही अंदर डाल दिया। ऐसी पुलिस पूरे हरियाणा में नहीं देखी। बलजीत नायक कौन है। इंस्पेक्टर को बोले, बदमाशों से डरते हो क्या। बीच में एसपी बोले, सर इंस्पेक्टर मेहनत करता है। विज बोले-दूसरी मेहनत करता होगा। इसे पेंडिंग रखो। अगली मीटिंग तक कार्रवाई होनी चाहिए। कहा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में यह आदेश जारी किए हैं कि पुलिस द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए चाहे वह जीरो एफआईआर भी दर्ज करनी पड़े

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