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Haryana

डीसी यशेन्द्र सिंह ने भिवाड़ी में सीईटीपी में ली अधिकारियों की मीटिंग

July 05, 2019 05:09 PM

उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने भिवाडी व खुशखेडा औद्योगिक क्षेत्र से आ रहे धारूहेडा में दूषित पानी को लेकर आज भिवाडी में प्रदूषण, रिक्को व बिडा के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा भिवाडी में बनाये जा रहे एसटीपी का निरीक्षण भी किया।
उपायुक्त ने मौका मुआयना करने पर पाया कि इनमेंदो एसटीपी व एक सीटीपी कार्य कर रहे है तथा तीन एसटीपी का निर्माण कार्य अभी तक भी लम्बित है। उपायुक्त ने लम्बित कार्यो को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन लम्बित एसटीपी का कार्य पूरा कर इन्हें शुरू करें। हरियाणा में भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी नहीं आने दिया जाएगा।
डीसी यशेन्द्र सिह ने राजस्थान द्वारा भिवाडी में बनाई गई ओपन ड्रेन का अवलोकन भी किया जो कि रिहायशी क्षेत्र के लिए है लेकिन उसमें औद्योगिक क्षेत्र का पानी भी मिश्रित होकर फुल चल रहा था जो महेश्वरी गांव के खुले क्षेत्र में एकत्रित हो रहा है। इसी तरह खुशखेडा औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी नंदरामपुर बास गांव के खुले क्षेत्र में एकत्रित हो रहा है। यह दूषित पानी का ढलान की वजह से हरियाणा के इन गांवों के खुले क्षेत्र में एकत्रित हो रहा है जो कि परेशानी का सबब बना हुआ है।
डीसी ने साफ शब्दो में कहा कि राजस्थान औद्योगिक क्षेत्र का गंदा पानी रोकने के लिए आवश्यक कदम अभी तक नहीं उठाये गये है तथा एनजीटी के आदेशों की भी पालना नहीं हो रही है। एनजीटी के आदेश के अनुसार ट्रीट करके पानी छोडने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि इस दूषित पानी के कारण भूमिगत जल दूषित हो रहा है वहीं रेवाडी जिला के महेश्वरी, धारूहेडा व नंदरामपुर बास के लोगों को भी परेशानी हो रही है।
राजस्थान के अधिकारियों ने डीसी को आश्वस्त किया कि नवंबर तक एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर डीसी ने कहा कि आपको कई बार इसके लिए मौके दिये जा चुके है। भिवाड़ी में बन रहे पांच एसटीपी में से महज एक ही बनकर तैयार हुआ है। जबकि इन सभी को दो साल पहले बन जाना चाहिए था। धारूहेड़ा में जाने वाले गंदे पानी के निस्तारण को लेकर भी कुछ नहीं हुआ है।
इस पर भिवाड़ी के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि रीको को केंद्र सरकार से 146 करोड़ रुपए मिले हैं। इससे सीईटीपी से कंपनियों तक एवं कंपनियों से सीईटीपी तक पाइप लाइन डलेगी। जिसके बाद इस पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
इस पर डीसी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में ढाई साल का समय लग जाएगा। तब तक इसके समाधान के लिए क्या योजना है। इसका भिवाड़ी के अधिकारी कोई उत्तर नहीं दे सके। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब इस दूषित पानी के बारे में कलैक्टर के साथ अगले सप्ताह में बैठक होगी जिसमें कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर हरियाणा प्रदूषण बोर्ड के आरओ कुलदीप सिंह, नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, भिवाड़ी के प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ केसी गुप्ता, रीको प्रथम के एसआरएम मनोज खुल्लर, बीएमए चेयरमैन सुरेंद्र सिंह चौहान, सीईटीपी चेयरमैन बृजमोहन मित्तल, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।


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