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हरियाणा में पुलिस इंस्पेक्टरों की तबादले संबंधित वास्तविक शक्ति पुलिस स्थापना कमेटी या जिला पुलिस अधीक्षक के पास ?

June 12, 2019 11:47 AM

हरियाणा में पुलिस इंस्पेक्टरों की तैनाती एवं तबादले संबंधित वास्तविक शक्ति पुलिस स्थापना कमेटी या जिला पुलिस अधीक्षक के पास ?

चंडीगढ़ -- इस वर्ष 10 जनवरी 2019 से हरियाणा पुलिस (संशोधन) अधिनियम, 2018 लागू हो गया है. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि उक्त कानून द्वारा हरियाणा पुलिस एक्ट, 2007 में डाली गयी नई धारा 34 (2) द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर (निरीक्षक ) रैंक के कमिँयों की तैनाती एवं तबादलों सम्बन्धी निर्णय हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) की अध्यक्षता वाली चार सदस्यी कमेटी तय करेगी, जिसे पुलिस स्थापना कमेटी कहा जाएगा. धारा 34(1) के अनुसार इस कमेटी में राज्य पुलिस महानिदेशक के अलावा राज्य के पुलिस मुख्यालय में तैनात राज्य इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख, पुलिस विभाग के प्रशासनिक विंग के प्रमुख एवं लॉ एंड आर्डर (कानून-व्यवस्था ) के मुखिया इस कमेटी के सदस्य के रूप में शामिल होंगे. हेमंत ने बताया कि यह कमेटी पुलिस विभाग के इंस्पेक्टरों की तैनाती और तबादले सम्बन्धी निर्णय लेगी जबकि डी.एस.पी. (पुलिस उपाधीक्षक ) एवं एस.पी (पुलिस अधीक्षक) की तैनाती/तबादलों के सम्बन्ध में यह कमेटी राज्य सरकार को मात्र सिफारिश करेगी. हालांकि इसके बाद धारा 34 (3 ) में यह भी प्रावधान किया गया है राज्य की पुलिस रेंजो के भीतर पुलिस विभाग के अधीनस्थ रैंक के कर्मियों की तैनाती/तबादले सम्बन्धी निर्णय सम्बंधित रेंज के मुखिया यानि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ए.डी.जी.पी.)/ पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.) लेंगे. इसके बाद धारा 34 (4 ) में यह वर्णित है कि जहाँ तक ज़िले के भीतर पुलिस विभाग के अधीनस्थ रैंक के कर्मियों की तैनाती/तबादले का विषय है, यह निर्णय ज़िले के एस.पी (पुलिस अधीक्षक) द्वारा लिए जाएंगे. एडवोकेट हेमंत ने आगे बताया कि हरियाणा पुलिस एक्ट, 2007 की धारा 2 (एस) के अनुसार अधीनस्थ रैंक का अर्थ ए.एस.पी. और डी.एस.पी. स्तर से नीचे के पुलिस कर्मी होंगे अर्थात पुलिस इंस्पेक्टर भी इसी श्रेणी में आते हैं. अब एक ही समय पर पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस कर्मियों की तैनाती एवं तबादले सम्बन्धी शक्ति पुलिस स्थापना कमिटी और जिला पुलिस अधीक्षक के पास एक ही समय पर कैसे हो सकती है. ? हेमंत ने यह भी बताया कि उक्त संशोधित कानून के अनुसार ज़िलों के एस.पी. को उक्त शक्ति अपने अपने पुलिस ज़िलों के सम्बन्ध में दी गयी है जबकि वास्तविकता यह है कि आज तक राज्य के सभी ज़िलों को, जिन्हे सामान्य तौर पर राजस्व जिला माना जाता है, को हरियाणा पुलिस कानून, 2007 की धारा 10 के तहत औपचारिक रूप से राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर पुलिस जिला घोषित नहीं किया गया है. इस सम्बन्ध में हेमंत ने कुछ माह पहले एक आर.टी.आई. याचिका प्रदेश के मुख्य सचिवालय स्थित गृह विभाग में दायर की थी जिसे गृह विभाग ने प्रदेश के डी.जी.पी. कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया जहाँ से हेमंत को प्राप्त हुए जवाब में यही स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश के केवल तीन ज़िलों - फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं पंचकूला ( पहले संयुक्त अंबाला-पंचकूला) में पुलिस कमिशनेरेट स्थापित है जहाँ इनके अधीन आने वाले क्षेत्र को पुलिस ज़िलों में बांटा गया है. प्रदेश के बाकी 19 ज़िलों में पुलिस एस.पी. की ही पारम्परिक व्यवस्था हैं.

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