Wednesday, June 19, 2019
Follow us on
National

पीएनबी में इलाहाबाद और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का विलय होगा

June 12, 2019 06:01 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JUNE 12

पीएनबी में इलाहाबाद और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का विलय होगा
रिफाॅर्म : 5 ही लीड बैंक रहेंगे, बैंकों को मिलेंगे 3 लाख करोड़ रुपए
कैबिनेट में आएगा विलय का प्रस्ताव, जालान कमेटी की सिफारिश भी इसी
केंद्र सरकार विलय की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव जल्द ला सकती है। इस प्रस्ताव में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इलाहाबाद बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय होगा। इसके साथ ही ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्र बैंक, यूनियन बैंक का बैंक ऑफ इंडिया में विलय का भी प्रस्ताव है। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्र बैंक, यूनियन बैंक का भी बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि 5 बैंक लीड बैंक की भूमिका में रह सकते हैं। एसबीआई, बॉब, पीएनबी, कैनरा, बीओआई लीड बैंक होंगे। वित्त मंत्रालय ने विलय को लेकर बैंकों के साथ चर्चा भी की है। पहले चरण का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में आ सकता है।
इससे पहले इनमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी पीएनबी में विलय होने की बात कही गई थी। लेकिन अब ओबीसी और आंध्रा बैंक का विलय पीएनबी की जगह बैंक ऑफ इंडिया में होने खबर है। सिंडिकेट बैंक का नाम अभी किसी विलय प्रस्ताव में नहीं आया है। देश में फिलहाल देश में 18 सरकारी बैंक हैं। वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों में विलय-अधिग्रहण के लिए चुने गए संभावित बैंकों के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
प्रस्ताव: ओबीसी और आंध्रा बैंक का विलय अब पीएनबी की जगह बीओआई में होगा
कमजोर छोटे बैंकों की जगह मजबूत बड़े बैंक बनेंगे
सरकार एनपीए के बोझ से दबे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेहत सुधारने के प्रयास में जुटी हुई है। इसके तहत छोटे और कमजोर सरकारी बैंकों का आपस में विलय कर उन्हें मजबूत बनाया जा रहा है। सरकार बैंकिंग तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उपाय तलाशने में लगी है।
आरबीअाई बैंकों को दे सकती है 3 लाख करोड़ की अतिरिक्त पूंजी
आरबीआई अपने पास मौजूद 1-3 लाख रुपए की सरप्लस पूंजी बैंकों को दे सकती है। वे यह पैसा होम लोन और ऑटो लोन के लिए दे सकते हैं। आरबीआई के आर्थिक कामकाज की समीक्षा के लिए गठित 6 सदस्यीय टीम इस माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट में इस बात की सिफारिश करने जा रही है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैसा बैंकों के पास आने से जीडीपी में 0.5-1.5% तक की बढ़ सकती है। जालान कमेटी अपनी रिपोर्ट में आरबीआई के पास जमा अतिरिक्त 3 लाख रुपए की राशि सरकार को देने की सिफारिश कर सकती है।
बैंक आॅफ महाराष्ट्र के बाद ओबीसी ने भी कर्ज की दर 0.1% घटाई
सरकारी क्षेत्र के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने विभिन्न अवधि के कर्ज की ब्याज दर में कटौती की है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.10% तक कटौती की है। नई दरें 11 जुलाई से लागू हो गई हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को इस बाबत सूचना है। इसके मुताबिक बैंक की एक माह और छह माह की अवधि वाले कर्ज की ब्याज दर 0.10% घटकर क्रमश: 8.35% और 8.60% हो गई है। पहले यह क्रमश: 8.45% और 8.70% थी। एक साल की अवधि वाले कर्ज पर ब्याज दर में 0.05% की कटौती की गई है। यह अब 8.75% से घटकर 8.70% हो गई है

 
Have something to say? Post your comment