Friday, September 20, 2019
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Punjab

चुनाव आयोग का कमाल : नोटिफिकेशन में गुरदासपुर से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद के फिल्मी नाम को प्रकाशित कर दिया

June 03, 2019 10:44 AM

चंडीगढ़- भारतीय चुनाव आयोग द्वारा गत 25 मई को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 73 के अंतर्गत 17 वी लोक सभा के सभी नव निर्वाचित 542 सदस्यों के निर्वाचन सम्बन्धी नोटिफिकेशन भारत के गजट में प्रकाशित की गयी है। इसमें क्रमांक 307 पर पंजाब राज्य की गुरदासपुर लोक सभा सीट से भाजपा पार्टी के सांसद का नाम अजय सिंह धर्मेंद्र देओल की बजाय सनी देओल प्रकाशित है। पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार का कहना है कि सवाल यह पैदा होता है कि क्या एक व्यक्ति, जबकि वो निर्वाचित सांसद हो तो क्या एक ही समय पर अपने दो आधिकारिक नाम इस्तेमाल कर सकता है। गौरतलब है कि अजय सिंह धर्मेंद्र देओल ने गत लोकसभा चुनावों में गुरदासपुर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ को 82 हज़ार 459 वोटो के अंतर से हराया था।हालांकि 29 अप्रैल 2019 को इस सीट से भरे अपने नामांकन फॉर्म में एवं उसके साथ संलग्न एफिडेविट (हलफनामे) में उन्होंने अपना नाम अजय सिंह धर्मेंद्र देओल का उल्लेख किया था। यही नहीं इस हलफनामे में एक निर्वाचक (वोटर) के तौर में उन्होंने अपना यह नाम मुंबई के 165 - अँधेरी (पश्चिम) विधानसभा हलके की मतदाता सूची के भाग 250 में क्रमांक 29 पर दर्ज हुआ बताया गया है एवं उन्होंने अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन ) कार्ड में भी अपना यही नाम अजय सिंह धर्मेंद्र देओल का ही उल्लेख किया है। इसके अलावा उन्होंने अपने हलफनामे पर, जो अब भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है, में अजय सिंह देओल के नाम से ही हर पृष्ठ पर हस्ताक्षर किये है। परन्तु गजट नोटिफिकेशन में गुरदासपुर से अजय सिंह देओल की बजाय सनी देओल प्रकाशित देख कर हेमंत को हैरानी हुई । एडवोकेट हेमंत ने बताया कि गुरदासपुर लोक सभा सीट के रिटर्निंग अफसर द्वारा इस चुनावी क्षेत्र में उम्मीदवारों की फाइनल सूची में अजय सिंह देओल एवं उनको अपने उम्मीदवार के रूप में मनोनीत करने वाली भाजपा द्वारा दी अर्जी पर उनका नाम हालांकि सनी देओल, जो उनका बॉलीवुड ( फ़िल्मी) नाम है एवं जिस नाम से उन्हें सभी लोग जानते हैं, कर दिया गया था। इस बारे में हेमंत का कहना है कि मौजूदा चुनावी नियमो अर्थात निर्वाचन संचालन नियम, 1961 की नियम संख्या 8 (2) के परन्तुक के अंतर्गत सम्बंधित रिटर्निंग अफसर द्वारा ऐसा तब किया जा सकता है जब नामांकन फॉर्म भर चुके किसी उम्मीदवार को यह महसूस हो कि नामांकन फॉर्म में उसके नाम के गलत अक्षर हैं या वो सही तरीके से नहीं लिखा गया है अथवा वह उस नाम से भिन्न है जिस नाम से वह व्यक्ति आम जनता में प्रसिद्ध हैं , तो वह उम्मीदवार सम्बंधित रिटर्निंग अफसर द्वारा लोक सभा हलके से चुनाव लड़ रहे फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी करने से पहले नामांकन फॉर्म में भरे गए अपने नाम में उचित परिवर्तन करने के लिए लिख कर प्रार्थना कर सकता है और रिटर्निंग अफसर ऐसी की गयी गुहार पर विचार कर इस सम्बन्ध में उचित निर्णय लेकर उस उम्मीदवार का नाम परिवर्तन करने की स्वीकृति प्रदान कर सकता है।


एडवोकेट हेमंत ने बताया कि अब इस सबके बीच कानूनी प्रश्न यह उठता है की क्या रिटर्निंग अफसर द्वारा सम्बंधित उम्मीदवार के नाम परिवर्तन करने बाबत प्रदान की गयी स्वीकृति स्थायी रूप से उसका नाम परिवर्तित कर देती है अथवा यह नाम परिवर्तन अस्थायी होता है अर्थात यह केवल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) या बैलट पेपर, जैसा भी केस में, में दर्शाये जाने तक ही सीमित होता है। जो भी हो, अगर अजय सिंह धर्मेंद्र देओल का नाम स्थायी रूप से सनी देओल हो गया है एवं उन्हें इस नाम से चुनाव आयोग द्वारा लोक सभा का सदस्य निर्वाचित किया गया है तो उन्हें अपने वोटर कार्ड, पैन कार्ड आदि अपने नाम से सम्बंधित हर सरकारी दस्तवेज पर अपना नाम सनी देओल परिवर्तित करवाना होगा और अगर ऐसा नहीं है तो लोक सभा सदस्य के रूप में भी उनका निर्वाचन उनके वास्तविक नाम अर्थात अजय सिंह धर्मेंद्र देओल, जैसे की उनके वोटर कार्ड, पैन कार्ड आदि सरकारी दस्तावेजों पर है, के रूप में ही अधिसूचित होना चाहिए।

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