Monday, June 17, 2019
Follow us on
National

जीएसटी रिफंड आसानी से मिलेगा, प्रोसेस और मंजूरी एक ही जगह होगी बदलाव : अगस्त से यह व्यवस्था लागू होगी, निर्यातकों को रिफंड जल्द मिलेगा

May 27, 2019 06:20 AM

COURTESY DAINIK BHASKA  MAY 27

जीएसटी रिफंड आसानी से मिलेगा, प्रोसेस और मंजूरी एक ही जगह होगी
बदलाव : अगस्त से यह व्यवस्था लागू होगी, निर्यातकों को रिफंड जल्द मिलेगा
जीएसटी के रिफंड हासिल करना अब आसान होगा। अगस्त माह से रिफंड प्रोसेस करने और इस पर मंजूरी देने का काम एक ही अधिकारी करेगा। यह कदम निर्यातकों की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। वर्तमान व्यवस्था में राज्य और केंद्र कर विभाग में दो अधिकारी रिफंड जारी करने का काम करते हैं। नई व्यवस्था में करदाताओं को क्लेम मंजूर होने के बाद अपने ही क्षेत्राधिकारी के पास से पूरा रिफंड मिल जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी अपनी-अपनी देय राशि को समायोजित कर लेंगे। फिलहाल करदाता राज्य के क्षेत्राधिकारी के यहां रिफंड क्लेम करता है, लेकिन उसे रिफंड राशि का 50% ही क्लेम मिलता है। शेष आधी राशि वह जांच पड़ताल के बाद जारी करता था। इस दौरान वह क्लेम आवेदन केंद्रीय कर अधिकारियों को भेजता था। वहां से स्वीकृति के बाद ही यह राशि करदाता को मिलती थी। इसमें लंबा समय लगता था।
अभी दो अधिकारी होने से व्यापारियों को रिफंड मिलने में काफी समय लग जाता है
दोनों अधिकारी एक ही समय पर क्लेम की पड़ताल करेंगे
करदाताओं को एक ही बार में राज्य और केंद्र का रिफंड दे दिया जाएगा
प्रस्तावित एकीकृत व्यवस्था में करदाता केंद्र या राज्य कहीं भी रिफंड के लिए आवेदन करेगा तो केंद्र और राज्य दोनों के अधिकारी उसके क्लेम की एक ही समय पर पड़ताल करेंगे और उसे राज्य और केंद्रीय कर विभाग दोनों का पूरा रिफंड दे दिया जाएगा। बाद में ये विभाग एक दूसरे की हिस्से की राशि का आंतरिक समायोजन कर लेंगे। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि प्रस्तावित सुधार कारोबार में आसानी की दिशा में यह बड़ा कदम है। अस्थायी तौर पर राजस्व की कमी न आए इसलिए दोनों जगह के अधिकारी माह-दर-माह यह समायोजन करेंगे।
नेचुरल गैस को भी जीएसटी के दायरे में ला सकते हैं
मुंबई| एनडीए सरकार की सत्ता में वापसी से तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उसे उम्मीद है कि सरकार जल्द ही प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा। इससे इसका परिवहन आसान होगा। खासतौर पर सिटी गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों को इससे फायदा होगा। सरकार जैविक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाएगी। इससे ईंधन का आयात बिल भी कम हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में एक सिटी गैस वितरण अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि चुनाव होने के कारण इस क्षेत्र में हो रहे सुधार की गति धीमी पड़ गई थी।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में रिफंड के लिए एकीकृत व्यवस्था लागू है
जीएसटी विशेषज्ञ मुकुल शर्मा ने बताया, विदेशी दूतावास, यूनेस्को और डब्ल्यूएचओ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मामले में रिफंड के लिए एकीकृत व्यवस्था लागू है। इन सभी को जीएसटी से छूट होती है। लेकिन ये बाजार से जो सामान लेते हैं उस पर जीएसटी चुकाते हैं। बाद में रिफंड क्लेम करते हैं। यह रिफंड उन्हें केंद्रीय जीएसटी ही जारी करता है। बाद में वह इसे राज्य कर विभाग से समायोजित करता है। अब यह सुविधा बाकी करदाताओं को देने की तैयारी की जा रही है

 
Have something to say? Post your comment