Wednesday, July 24, 2019
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Punjab

जीरकपुर अर्बन बना स्लम

May 16, 2019 05:46 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MAY 16
लोकल बाॅडीज डिपार्टमेंट की अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने से जीरकपुर अर्बन बना स्लम
जीरकपुर एमसी को फिर से पेरीफेरी एक्ट अनप्लांड कंस्ट्रक्शन को रोकने की जरूरत है
जीरकपुर | लोकल बाॅडीज विभाग की रेगुलराइजेशन पॉलिसी ने जीरकपुर शहर को अर्बन स्लम बना दिया है। यहां हालत यह है कि इस पॉलिसी की आड़ में चौतरफा अवैध निर्माण हो रहे हैं। अगर इस पर कंट्रोल नहीं किया गया तो जीरकपुर की अनप्लांड डेवलपमेंट की आंच चंडीगढ़, पंचकूला जैसे प्लंाड सिटी को नुकसान पहुंचाएगी। यहां फिर से पेरीफेरी एक्ट लगाकर अनप्लांड कंस्ट्रक्शन को रोकने की जरूरत है। कुछ साल पहले पंजाब सरकार ने डेराबस्सी, जीरकपुर समेत पांच निकायों में पेरीफेरी एक्ट लागू किया गया था। उस समय मल्टीस्टोरीज प्रोजेक्ट्स को इस एक्ट से छूट दी गई, जबकि खाली जमीन में कॉलोनी काटने पर इसे लागू किया गया था। तब जीरकपुर, डेराबस्सी, नयागांव, बनूड़ और खरड़ समेत 5 नगर निकायों से पेरीफेरी एक्ट लागू किया गया था। बाद में इसे हटा दिया गया। उसके बाद यहां धड़ाधड़ अवैध कॉलोनियांे बननी शुरू हो गई।
बुनियादी सुविधाओं पर नहीं हो रहा काम : जीरकपुर में आलम यह है कि यहां जितनी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी है उतनी ही कमर्शियल भी बन रही है। ऐसे में न तो यह पता चल पा रहा है कि कौन सा एरिया रेजिडेंशियल है, कौन से कमर्शियल। दुकानें बना रहे हैं तो उनके लिए पार्किंग नहीं। मकान बन रहे हैं तो उनके लिए मास्टर प्लान के मुताबिक सड़कें नहीं। एक शहर और उसमें रहने वाले लोगों के लिए बिजली, पानी, सीवेरज, सड़कें, स्कूल, स्टेडियम, पार्क, हाॅस्पिटल आैर अन्य सुविधाओं पर लोकल बाॅडीज विभाग का जरा भी फोकस नहीं है। यहां रहने वाले लोगों को इन सुविधाओं के लिए चंडीगढ़ पंचकूला पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मकानों से ज्यादा दुकानें : लोकल बाॅडीज डिपार्टमेंट में बैठे अधिकारी कुछ नहीं कर रहे है। न ही यहां एमसी के अफसर शहर के हित के लिए कोई कदम उठा रहे हैं। हरेक एमसी मीटिंग में गलत निर्माणों को रोकने के लिए अधिकारियों को कहते हैं, पर कुछ नहीं करते है। आज शहर में मकानों से ज्यादा दुकानों की संख्या ज्यादा हो गई है।
-कुलविंदर सोही एमसी प्रधान जीरकपुर

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